• दबा दो घांटकी ..

    लगता है वो समय आ गया है। जिस की मांग देशवासियों की ओर से की जा रही थी, वो पूरी होने वाली है। उस ने हमें रूलाया अब वो खू .....

  • जापानी बुजुर्ग कहां चले.... ..

    नारे की शीर्षक रूपी इस तर्ज को आंदोलनकारियों से जोड़ें तो प्रत्युत्तर में क्या निकलेगा इसके बारे में ज्यादा कुछ .....

  • बीस प्लॉटों वाला ..

    शीर्षक के मायने अपने-अपने अंदाज में निकाले जा सकते हैं। जिस की जो समझ में आए उसके अर्थ से तार जोड़ सकता हैं। कोई चा .....

  • ममता का 'धरनाटक' ..

    कौन जीता.. कौन हारा..। धरनाटक से किस को क्या मिला..। मिला या नहीं मिला..। मिला तो कित्ता मिला..। इसके नफे-नुकसान की समीक .....

  • थरूर पे.....! ..

    खाली स्थान भरने की जिम्मेदारी आप की। ये समझ लीजिए कि इसी बहाने आपके भाव बाहर आ जाएंगे। आपके मन की बात कागज पे उतर ज .....

  • ठुकाई... पिटाई ..

    ठुकाई और पिटाई की बात क्या हुई कि आखे देश में मुक्कों-डुक्कों और थप्पड़ की गूंगी गूंज सुनाई पड गई। खबरिया चैनल्स त .....

  • तेइस का टोटका ..

    हमें ना तो किसी ओझे पे विश्वास ना किसी गुणिए पे। टोने-टोटकों से हजार कदम दूर। फिर भी रह-रह के वहम उपजता है कि तेइस की .....

  • पोतादेश ..

    एक बुजुर्ग ने कहा था-'कई लोग कभी नहीं मरते। वो किसी ना किसी रूप में सदा जिंदा रहते हैं। उनने कह दिया, हम ने सुन लिया .....

  • शुद्ध नकली... सौ टका फरजी... ..

    वो कहते हैं-' हम काले हैं तो क्या हुआ..दिल वाले है..। उसी तर्ज  पर किसी ने कह दिया-'नकली हैं तो क्या हुआ.. हैं तो सौ .....

  • न पीने देंगे-न बेचने देंगे ..

    इसका मतलब यह हुआ कि संभावनाएं प्रबल हैं। जितना अंदर जाएंगे, संभावनाएं बाहर आती जाएंगी। हम यह नहीं कहते कि अंदर घु .....

  • सजा की सजा, सेवा की सेवा ..

    अच्छा इसलिए लगा कि फैसला अच्छा था। अच्छा इसलिए लगा कि सजा अच्छी थी। बुरा इसलिए लगा कि खेलने-खाने और पढने की उम्र मे .....

  • बस्ते का भार बोर्ड ..

    भाईजी ने आदेश दे दिया। उनने यस सर कह के ओके कर दिया। साबजी ने फरमान जारी कर दिया। उनने ओके सर कह के नक्की कर दिया पर .....

  • करजा लेकर घी मति पीयो ..

    कौन क्या खरीदता है। कौन कैसे खरीदता है। किस को किस चीज की जरूरत है। उसे लेने के लिए वो क्या-क्या जुगाड़ करता है। वा .....

  • बोबाडि़ए ..

    राजस्थान की पृष्ठभूमि से जुड़े लोग शीर्षक का अर्थ अच्छी तरह से समझ गए होगें। नई नस्ल का कह नही सकते, हमारी पीढी के .....

  • अब की बार ... दो चुनाव ..

    देखते ही देखते एक साल और गुजर गया। कल की बात है, जब हम-आप ने अंगरेजी साल को विदा कर नए वर्ष का स्वागत किया था। खट्टे-म .....

  • नीचे से फस्र्ट-सैकंड ..

    हम तो प्रार्थना करते हैं कि अगली बार वो उतरे ही नहीं। उन्हें रोका तो नहीं जा सकता। लिहाजा प्रार्थना ही कर सकते हैं .....

  • शवों की अदला-बदली! ..

    गलती तो हुई पर इसे ऐसी-वैसी गलती नहीं कहा जा सकता। गफलत तो हुई पर उसे ऐसी वैसी गफलत कहके नजर अंदाज नहीं किया जा सकता .....

  • चुनावी 'वीआरएस' ..

    चुनाव निपट गए। कई हारे-कई जीते। कई को निपटा दिया-कई निपट गए। कुल जमा चुनाव हो गए। आइंदा जब-जब कोई चुनाव होंगे तो इनक .....

  • इवीएम खुश हुई ..

    जिस प्रकार वो राजी हुए, उसी प्रकार वो राजी हुईं। जिस प्रकार वो नाचे, उसी प्रकार उनने भी जम के ठुमके लगाए। जैसे वो इत .....

  • कल वो भूतपूर्व आज ये... ..

    आखिर बाल सामने आ ही गए। संशय वो बाद छंट गए। तस्वीर साफ हो गई। दूध का दूध-पानी का पानी हो गया। जिनने जीतना था वो जीत ग .....

  • सब को धिनवाद ..

    चलो भाई....खेल खतम...पईसा हजम। नब्बेपर सेंट खेल खल्लास हो गया। बचा खुचा तीन दिन बाद खल्लास हो जाएगा। उस दिन जो होगा... स .....

  • हाका दड़बड़ से मुक्ति ..

    चलो, शांति हुई। जिन के दिल धकधक करेंगे उनके करेंगे। जिनकी धुकधुकी चलनी है, वो चलती रहेगी। हम-आप को तो शांति मिली। अ .....

  • जूते दिखा के वोट मांगना ..

    गलत इसलिए नहीं कि गलत नहीं है। सही इसलिए नहीं कह सकते कि सार्वजनिक रूप से ऐसा करना सही नहीं है। हम-आप भले ही उन्हें .....

  • सब को रोटी..सब को काम ..

    जब-जब चुनाव आते हैं, वो नारा सार्थक होता नजर आता है। मौसम गुजरने के बाद वही होता है जो अब तक होता आया है। कोई उसे 'चा .....

  • बालाजी का बतंगड़ ..

    वो जैसे थे वैसे ही रहते तो बेहतर रहता। वो जैसे हैं उन्हें वैसा ही बने रहने देते तो किसको क्या घाटा होता। हजारों हजा .....

  • सिर फोडू बहन लोग ..

    हम तो कहें कि ऐसे प्रत्याशियों को चलते चुनाव से बाहर कर देना चाहिए। उसके बाद ताजिन्दगी चुनाव लडऩे की पाबंदी ऐसी व .....

  • अब की बार-घटिया प्रचार ..

    इसके माने घटियापन में और बढोतरी होगी। जो लोग फारिग हो गए वो भी यहां जा जाणे हैं। इन के भी आएंगे-उनके भी। ये भी बकेंग .....

  • सियासी मौहल्ला ..

    एक जमाने में जोधपुर की नई सड़क से घंटाघर की पोल में घुसते समय 'खाया तो होगा..पर ऐसा नहीं खाया होगा.. के सुर गूंजा क .....

  • केंद्र पूजन का फगड़ा ..

    कौन समझाए कि जिन का सहारा वो ले रहे हैं, उनसे कुछ होणा-जाणा नहीं। वो भले ही इस पर आस्था का टेग टांगें, हमारी नजर में ऐ .....

  • टको त्यार... ..

    किसी को टका मिले, तो मिले। किसी के लिए टका तैयार रहे, तो रहे। किसी को टका मिले गया रूपिया अपन को क्या। जिसके नसीब में .....

  • अंगूर के निशान को... ..

    हमें लगता है कि 'बोतल के निशान को..वोट दो-वोट दो.. के मुकाबले दीगर नारे भी तैयार हो रहे हैं। वोट मिलेंगे या नहीं मि .....

  • सारे जहां से लुच्चा... ..

    अच्छा है तो है। सच्चा है तो है। खरा है तो है। खोटा है तो है और लुच्चा है तो है। उनके कहने से हम बुरे और किसी के कहने से .....

  • सर..सर..सरासर... ..

    अगरचे वो मान और सम्मान के लिए  'सर' और 'सरजी' का उपयोग करते तो कत्तई नहीं अखरता। अखरा के हमें किसी से क्या लेन .....

  • चीनी चुटकुला ..

    हम तो समझे थे कि चुटकुले अपने यहां ही प्रचलित हैं। लतीफों का आनंद अपन लोग ही उठाते हैं। आपस में हंसी-ठठ्ठा कर के मा .....

  • पल्लू में नहीं दाने... ..

    साफ दुभांत है। सब देख रहे हैं। सब को सब कुछ दिख रहा है-उसके बावजूद इतना सन्नाटा क्यूं है भाई। कोई गरीब गुरबा उछले त .....

  • शशि ब्रांड बिच्छु ..

    नाम किसी और का लिया। ठप्पा किसी और का ठोका पर बिच्छु किसी और के खाते में चला गया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ। पूर्व में भ .....

  • बोतल के निशान को... ..

    अगर आप की रूची राजनीति में रही हो। यदि आप की रूची सियासत में है। अगर आपने बचपने में कभी किसी पंथ-प्रत्याशी के समर्थ .....

  • तडी पड़ी! ..

    इस का मतलब ये हुआ कि 'तड़ी' पड़ ही गई। आशंका तो पहले ही हो गई थी। जिस दिन 'पट्ठ' बजाए उसी दिन लग गया था कि तड़ी .....

  • नसीहतगिरी ..

    ऐसा पहली बार नहीं हो रहा। हथाईबाज महज हथाई नहीं करते। केवल चासे नहीं लेते। कई मसलों-मुद्दों पर सीख भी देते हैं। पह .....

  • तेरा+मेरा=हमारा ..

    हम इससे भी चार कदम आगे बढने और बढाने के पक्षधर। बस चले तो सारे फासले मिटा दें। जानते हैं कि अब ऐसा संभव नहीं हैं, पर .....

  • तेल लेणे ..

    पता नहीं कौन, क्या लेणे के लिए गया है और क्या लेकर आएगा। जिस की उम्मीद की गई, वो मिलेगी या नहीं मिलेगी। इसके बारे में .....

  • एटीएम बाबा की कृपा ..

    क्यूं हुआ। कैसे हुआ। ऐसा कैसे हो गया। ऐसा नहीं होना चाहिए था-हो कैसे गया। आगे भी ऐसा होता रहा तो मोरिए बिक जाणे हैं .....

  • दोहरा रिकॉर्ड ..

    हार तो हार है और जीत तो जीत। अंतर भले ही कितना हो। है तो हार या है तो जीत। अंतर-जोरदार हो तो रिकॉर्ड और कम से कमतर हो त .....