भूतों के रहस्यमयी अस्तित्व से पर्दा उठाने वाली सच्चाई

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पश्चिमी देशों में हैलोवीन का त्यौहार ऐसा मौका होता है, जब भूत-प्रेत और अजीबो-गरीब तरह की चीजों की नुमाइश होती है। ये वो मौका होता है, जो गुजर चुके लोगों के धरती पर उतर आने जैसा माहौल देता है। पर, क्या हम भूतों से जिंदगी के कुछ अहम सबक भी सीख सकते हैं? चलिए, इस सवाल का जवाब तलाशते हैं। आज के हैलोवीन त्यौहार की बुनियाद में सेल्टिक परंपरा का पर्व समहैन था। ईसा से बहुत पहले के भूमध्य सागर और यूरोप में रहने वाले लोग सेल्टिक जबानें बोलते थे। उनका यकीन बुतों और देवताओं में हुआ करता था। ये लोग समहैन त्यौहार इसलिए मनाते थे क्योंकि उनका मानना था कि साल के इस हिस्से में इस दुनिया और उस दुनिया का फर्क मिट जाता है। इंसान और प्रेत एक साथ धरती पर आबाद रहते हैं।
 

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