होण्डा ने 40 मिलियन युनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार किया

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नई दिल्ली
भारतीय दोपहिया उद्योग में इतिहास रचते हुए होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इण्डिया प्रा लिमिटेड ने आज ऐलान किया है कि इसने 40 मिलियन दोपहिया वाहनों की बिक्री का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। होण्डा भारत का एकमात्र दोपहिया ब्राण्ड है जिसने मात्र 18 सालों की सबसे कम अवधि में 40 मिलियन युनिट्स की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। होण्डा ने जीता 40 मिलियन उपभोक्ताओं का भरोसा होण्डा ने पहले 11 सालों में 10 मिलियन उपभोक्ताओं को भरोसा जीता। इससे तीन गुना गति से आगे बढ़ते हुए अगले 3 सालों में होण्डा मे साथ 10 मिलियन नए उपभोक्ता जुड़ गए। 14 सालों में पहले 20 मिलियन उपभोक्ताओं ने होण्डा के दोपहिया वाहन खरीदे। होण्डा ने दोपहिया वाहनों के क्षेत्र में भारत के विकास का नेतृत्व किया और मात्र 4 सालों में 20 मिलियन नए उपभोक्ता होण्डा के साथ जुड़ गए। 40 मिलियन दोपहिया वाहन के रोल-आउट पर विचार प्रस्तुत करते हुए श्री मिनोरू काटो, प्रेज़ीडेन्ट एवं सीईओ-होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इण्डिया प्रा लिमिटेड ने कहा, ‘‘हमें खुशी है कि होण्डा ब्राण्ड को इतने कम समय में 40 मिलियन उपभोक्ताओं का प्यार मिला है। अपनी शुरूआत से ही होण्डा उच्चगुणवत्ता के आधुनिक उत्पादों के साथ लाखों उपभोक्ताओं को उत्कृष्ट सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रही है। होण्डा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए श्री यदविंदर सिंह गुलेरिया, सीनियर वाईस प्रेज़ीडेन्ट-सेल्स एण्ड मार्केटिंग, होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इण्डिया प्रा लिमिटेड ने कहा, ‘‘होण्डा 2 व्हीलर्स इण्डिया को गर्व है कि इसने 40 मिलियन दोपहिया राइडरों को उड़ान के लिए पंख दिए हैं। स्कूटरों और मोटरसाइकलों की व्यापक रेंज के साथ होण्डा तेज़ी से अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही है, उपभोक्ताओं के लिए अनुकूल सेवाएं उपलब्ध करा रही है। होण्डा उपभोक्ताओं के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

होण्डा कर रही है लाखों सपनों को साकार

  • 2001-2011 -होण्डा के पहले प्रोडक्ट-आइकोनिक एक्टिवा ने स्कूटर सेगमेन्ट में होण्डा को मजबूती से स्थापित किया, साथ ही मोटरसाइकल सेगमेन्ट में प्रीमियम 150 सीसीसीबी यूनिकोर्न और 125 सीसी सीबी शाईन (जो आज भारत की सबसे ज़्यादा बिकने वाली 125 सीसी मोटरसाइकल बन चुकी है) की शुरूआत की गई। 2009 में उद्योगजगत के फीचर-कॉम्बि ब्रेक सिस्टम विद इक्वीलाइज़र टेक्नोलॉजी को पेश किया गया, जिसे एक दशक बाद पूरे उद्योग जगत में अनिवार्य कर दिया गया।
  • 2011-2018ः 2011 में एचअएमएसआई ने भारतीय दोपहिया उद्योग के नए युग में प्रवेश किया। मात्र 7 सालों में होण्डा ने उद्योग जगत में कई नए बेंचमार्क स्थापित किए। 1 प्लांट में 16 लाख युनिट्स के उत्पादन से विस्तार कर के इसकी उत्पादन क्षमता 4 प्लांटस में 64 लाख युनिट्स तक पहुंच गई। 2012 में होण्डा ने ड्रीम युगा के साथ मास मोटरसाइकल सेगमेन्ट में प्रवेश किया और 2015 में सीबीआर 650 एफ के साथ बिग बाइक्स के लिए मेक इन इण्डिया की शुरूआत की।बाद में अफ्रीका ट्विन और नावी ने भारतीयों को नई तरह की राईड का अनूठा अनुभव प्रदान किया। साथ ही भारत के पहले यूटिलिटी स्कूटर क्लिक को बाज़ार में उतारा गया। इसी बीच एक्टिवा भारत का सबसे ज़्यादा बिकने वालो स्कूटर बन गया और सीबी शाईन ने 70 लाख युनिट्स की बिक्री का ऐतिहासिक आंकड़ा पास कर लिया।

वास्तव में होण्डा 2 व्हीलर्स इण्डिया के तीव्र विकास के साथ-साथ होण्डा 120 देशें में भी दोपहिया संचालन में अग्रणी स्थिति पर स्थापित हो चुकी है। इतना ही नहीं, होण्डा ने 6 लाख युनिट्स की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसके साथ होण्डा 2 व्हीलर्स इण्डिया की कुल सालाना क्षमता 2020 तक 70 लाख युनिट्स के आंकड़े तक पहुंच जाएगी।

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