एनएसडीसी ने होंडा मोटरसाइकल और जैक्वार फाउंडेशन के साथ एमओयू किया

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नई दिल्ली
कौशल विकास के लिये एक सहयोगी दृष्टिकोण को अपनाते हुए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) ने दो अग्रणी संगठनों-होंडा मोटरसाइकल एंड स्कूटर इंडिया प्रा. लि.(एचएमएसआई) और जैक्वार फाउंडेशन (जेएफ) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये हैं। यह दोनों क्रमश: ऑटोमोटिव और प्लंबिंग सेक्टर्स में अग्रणी हैं और अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व की पहलों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना, उपकरण और प्रशिक्षण सहयोग प्रदान कर अवसंरचना के निर्माण का कार्य करेंगे। स्किल इंडिया मिशन को गति देते हुए यह गठजोड़ एनएसडीसी से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण भागीदारों के क्षमता विस्तार में मदद करेगा। इसके साथ ही यह आधुनिक और प्रासंगिक टूल्स और मशीनरी के साथ अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगा और शुरूआती अवस्था से ही अपने नियोक्ताओं को सहयोग के लिये उन्हें सशक्त बनायेगा। उद्योग गठबंधनों के बारे में एनएसडीसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनीष कुमार ने कहा, एनएसडीसी समावेशी वृद्धि को सहयोग का प्रयत्न करता है और ऐसी भागीदारियों से मांग को पूरा करता है, जिनमें उद्योग तकनीकी विशेषज्ञता से प्रशिक्षण अवसंरचना की स्थापना या आधुनिकीकरण में योगदान देते हैं। उद्योग जगत के दिग्गजों- होंडा और जैक्वार के साथ भागीदारी से उन युवाओं को लाभ होगा, जो उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण लेते हैं और उद्योग को प्रशिक्षित कार्यबल मिलेगा। गठबंधन के पहले चरण में एचएमएसआई ऑटोमोटिव सर्विस टेक्निशियन (2 या 3- व्हीलर) पर एक कोर्स के लिये दस ऑटोमोटिव टू-व्हीलर रिपेयर लैब्स की स्थापना या अपग्रेडेशन करेगा। अगले चरण में लैब्स को विस्तृत किया जाएगा। एचएमएसआई वाहन, टूल्स और उपकरण प्रदान कर देश के विभिन्न स्थानों में एनएसडीसी के प्रशिक्षण भागीदारों के क्षमता निर्माण में मदद करेगा। बाथिंग सॉल्यूशंस कंपनी जैक्वार ग्रुप की एक इकाई जैक्वार फाउंडेशन के साथ अनुबंध के तहत 50 प्लंबिंग ट्रेनिंग लैब्स की स्थापना या अपग्रेडेशन किया जाएगा और अवसंरचनात्मक तथा कार्यबल सहयोग प्रदान किया जाएगा। ग्राहक सेवा प्रतिनिधियों को गेस्ट फैकल्टी के तौर पर नये उत्पाद की इंस्टालेशन टेकनिक सिखाने के लिये रखा जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशिक्षणदाताओं और प्रशिक्षणार्थियों की तकनीकी योग्यता और अभ्यर्थियों की रोजगारशीलता बढ़ाने पर लक्षित है। निर्माण उद्योग में प्लंबिंग एक असंगठित क्षेत्र है। भारत का लगभग 90 प्रतिशत प्लंबिंग उद्योग कार्यबल पेशेवर रूप से प्रशिक्षित नहीं है। इस उद्योग का अधिकांश कौशल प्रशिक्षण असंगठित या काम के समय होता है। पेशेवर तौर पर प्रशिक्षित प्लंबर्स का अभाव निर्माण और संबद्ध क्षेत्रों की बड़ी चुनौतियों में से एक है। जैक्वार के साथ गठबंधन से प्रशिक्षणार्थियों को औपचारिक प्रशिक्षण मिलेगा।

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