बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा बैंकिंग सेवाओं की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर विचार मंथन

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नई दिल्ली
बैंक ऑफ बड़ौदा, भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है। भारत सरकार के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) द्वारा निर्देशित समस्त भारत में सभी बैंकों के शाखा स्तर से प्रारम्भ राष्ट्रीय स्तर तक के अभियान के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर विचार मंथन एवं परामर्श पर दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई जिसमें बैंक के जोधपुर क्षेत्र की समस्त 75 शाखाओं द्वारा बैंकिंग क्षेत्र की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर परिचर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता बैंक के अंचल आंतरिक लेखा परीक्षा विभाग, जयपुर के उप महाप्रबंधक अशोक खत्री द्वारा की गई। बैठक में जोधपुर क्षेत्र से सुरेश बुंटोलिया, उप महाप्रबंधक, मनीष मेहरोत्रा, सहायक महाप्रबंधक तथा रामेश्वर लाल चौहान, सहायक महाप्रबंधक भी मंचासीन थे। सरकार के निर्देशों के अनुरूप बैंक ऑफ बड़ौदा का यह कदम अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में साख बढ़ाने, तकनीकी के उपयोग को बढ़ाने के लिए नए प्रयोगों को प्रोत्साहित करने, समस्त आंकड़ों के विश्लेषण और नागरिक आधारित केन्द्रित बैंकिंग के साथ वरिष्ठ नागरिकों, किसान, लघु उद्योगपति व उद्यमियों, युवाओं, विद्यार्थियों एवं महिलाओं की जरूरतों एवं आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए उत्साहपूर्वक अनुकूल बैंकिंग प्रदान करने के लिए है। इस विचार मंथन कार्यक्रम में बैंक के कार्यनिष्पादन एवं राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप साख उपलब्ध करवाने के लिए रोडमेप तैयार किया गया तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सुधार के लिए बैंकिंग क्षेत्र के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रदान किए गए विभिन्न विषयों जैसे आर्थिक विकास, औद्यौगिक क्षेत्र, कृषि क्षेत्र, मत्स्य पालन, जल शक्ति, सूक्ष्म, लघु, एवं मध्यम उद्यमी क्षेत्र, मुद्रा ऋण, शिक्षा ऋण, स्वच्छ भारत, वित्तीय समावेशन व महिला सशक्तिकरण, डीबीटी, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय प्राथमिकता एवं कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व आदि पर मंथन किया गया। परिणामस्वरूप बैंकिंग क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए क्रियान्वयन योग्य सुझाव एवं नए विचार सामने आए। उक्त सुझावों  व विचारों पर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान में गहन चर्चा की जाएगी तत्पश्चात राष्ट्रीय स्तर पर भविष्य की रणनीति व राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर सभी बैंकों की तुलनात्मक समीक्षा व उक्त सुझावों का क्रियान्वयन किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में शाखा स्तर पर सहभागिता के साथ बैंक द्वारा भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को सम्मिलित करते हुए कार्ययोजना का निर्माण व भविष्य की बैंकिंग हेतु खुद को तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए गए जिसके क्रियान्वयन से भारतवर्ष के विकास एवं 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बैंक की भागीदारी निश्चित रूप से सुनिश्चित की जा सकेगी।

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