एक्ज़िम बैंक ने की ब्रिक्स आर्थिक शोध पुरस्कार 2019 के विजेता की घोषणा

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मुंबई
डॉ. तुषार भारती को भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्ज़िम बैंक) के ब्रिक्स आर्थिक शोध पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार उनकी डॉक्टोरल थीसिस ‘विकासशील देशों में शिक्षा एवं संस्थाओं पर आलेख’ के लिए दिया गया। उन्हें12 नवंबर, 2019 को रिओ डी जेनेरो, ब्राज़ील में आयोजित 9वें वार्षिक ब्रिक्सं वित्तीय फोरम के दौरान पुरस्कृत किया गया। इसकी मेजबानी ब्राज़ि‍लियन नेशनल बैंक फॉर इकोनॉमि‍क एंड सोशल डेवलपमेंट (बीएनडीईएस) और ब्राज़ि‍लियन सेंटर फॉर इंटरनेशनल रि‍लेशन्सो (सीईबीआरआई) द्वारा की गई। पुरस्कार स्वरूप 15 लाख रुपए (करीब 22,000 यूएस डॉलर), पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कारर बीएनडीईएस के अध्याक्ष श्री गुस्ता वो मोंटेज़ानो द्वारा प्रदान किया गया। इस दौरान बोर्ड ऑफ ट्रस्टीरज ऑफ सीईबीआरआई के अध्यधक्ष डॉ. जोसे पिओ बोर्गेस तथा एक्ज़िा‍म बैंक के प्रबंध निदेशक श्री डेविड रस्कीना तथा ब्रिक्स के सदस्य् विकास बैंकों अर्थात वीईबी, रूस चाइना डेवलपमेंट बैंक (सीडीबी), तथा डेवलपमेंट बैंक ऑफ सदर्न अफ्रीका (डीबीएसए) के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर डॉ. भारती की थीसिस पर आधारित एक्ज़िम बैंक के प्रासंगिक आलेख का भी विमोचन किया गया।      

पुरस्कृत थीसिस
डॉ. तुषार भारती ने यूनि‍वर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया, यूएसए से 2018 में डॉक्टोरल डिग्री हासिल की थी। वह फिलहाल यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टयर्न ऑस्ट्रेलिया, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया में अर्थशास्त्रग के सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।

ब्रिक्स आर्थिक शोध पुरस्कार 
2016 में ब्रिक्स फोरम की अध्यक्षता भारत ने की और उसी साल ब्रिक्स अंतरबैंक सहयोग व्यवस्था की अध्यक्षता एक्ज़िम बैंक ने की। वर्ष 2016 में ही एक्ज़िम बैंक द्वारा ब्रिक्स आर्थिक शोध पुरस्कार की स्थापना की गई। इस पुरस्कार का उद्देश्य ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए प्रासंगिक शोध को बढ़ावा और प्रोत्साहन देना है। ब्रिक्स आर्थिक शोध पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र, व्यापार और विकास तथा संबंधित वित्तपोषण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के एक्ज़िम बैंक के प्रयासों को बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है। पुरस्कार के लिए ब्रिक्स देशों के नागरिकों द्वारा लिखी गई ऐसी डॉक्टोरल थीसिस प्रविष्टि के रूप में स्वीकार की जाती हैं, जिन्हें किसी भी प्रतिष्ठित वैश्विक विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि दे दी गई है या डॉक्टरेट के लिए उन्हें स्वीकार कर लिया गया है। पुरस्कार की सूचना वैश्विक स्तर पर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए प्रसारित की गई थी।

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