जेके टायर के सीएमडी डॉ. रघुपति सिंघानिया को यूसीसीआई द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2019 से सम्मानित किया

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उदयपुर
जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डॉ. रघुपति सिंघानिया को आज उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (यूसीसीआई) द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2019 से नवाजा गया। डॉ. सिंघानिया की नेतृत्व क्षमता, दृढ़ता, मानवता और अनुकरणीय सामुदायिक सेवाओं से पूरे समुदाय पर असाधारण प्रभाव डालने वाले सर्वश्रेष्ठ कार्यों की पहचान के लिए उन्हें इस सम्मान से नवाजा गया। यूसीसीआई के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में अपोलो एंटरप्राइज लिमिटेड की एक्जीिक्यूलटिव वाइस चेयरमैन सुश्री शोभना कामिनेनी और यूसीसीआई के प्रेसिडेंट श्री हंसराज चौधरी द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने पर डॉ. सिंघानिया ने कहा, “मैं उदयपुर चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री से 2019 के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्राप्त कर काफी सम्मानित और कृतज्ञ महसूस कर रहा हूं। मैं इस पुरस्कार को जेके ग्रुप में काम करने वाले लगभग 30 हजार व्यक्तियों को समर्पित करता हूं। इन कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण से ही जेके ग्रुप ने साल दर साल इतनी सफलता अर्जित की है। मैं यूसीसीआई को भी राजस्थान के इस भाग में कारोबार और उद्योग के बढ़ावा देने की दिशा में बेहतरीन काम करने के लिए बधाई देता हूं। मैं उनको इस महानतम प्रयास में जबर्दस्त सफलता की शुभकामना देता हूं। यूसीसीआई द्वारा जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज को पी पी सिंघल सीइसआर अवार्ड - लार्ज इंटरप्राइजेज 2019 से लगातार दूसरे साल भी सम्मानित किया गया। जेके टायर के सीएसआर कार्यक्रम में कंपनी ने पद्धतिगत नजरिये पर ध्याकन केंद्रित किया जिसका उद्देश्य स्थानीय समुदायों को स्थाकयी आमदनी के लिए समाधान प्रदान करना है। कंपनी के सभी निर्माण संयंत्रों के आसपास 2004 में वयस्क साक्षरता कार्यक्रम शुरू किया गया था, जिसने अनपढ़ ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। इन महिलाओं ने वयस्क साक्षरता कार्यक्रम में शामिल होने से पहले औपचारिक शिक्षा भी ग्रहण नहीं की थी। अब उन्हें सामान्य गणना के साथ पढ़ना और लिखना भी आ गया है। इस पहल की सफलता का अंदाजा उन कई महिलाओं को देखकर लगाया जा सकता है, जो आज अपनी आजीविका कमाने लगी हैं। राजस्थान के कांकरोली के आदिवासी क्षेत्रों में 2004 में परिवर्तन प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इस परियोजना के तहत राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों में जच्चा-बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। इससे क्षेत्र में प्रसव के दौरान होने वाली मां और नवजात शिशु की मृत्यु दर के मामलों में उल्ले खनीय कमी आई है। राजस्थान के राजसमंद जिले में कंपनी एचआईवी और एड्स से पीड़ित मरीजों के नेटवर्क को भरपूर समर्थन मुहैया करा रही है। कंपनी उन्हें भावनात्मक सहयोग, मार्गदर्शन के साथ दवाइयां और न्यूट्रिशनल सप्लिमेंट्स भी मुहैया करा रही है। इस नेटवर्क में करीब 1034 पीएलएचआइवी का नामांकन हुआ है और इनमें से अधिकांश लोगों को अंत्योदय और पालनहार जैसी विभिन्न सरकारी सामाजिक योजनाओं से जोड़ा गया है। 2016 में उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने एक्सिलेंस अवार्ड शुरू करने की पहल की। इसके पीछे संस्था का मकसद उन व्याववसायों को पहचान दिलाना था, जो मैन्युफैक्चरिंग, सीएसआर और सर्विसेज के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं।लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए किसी भी व्यक्ति का चुनाव यूसीसीआई के पूर्व अध्यक्षों और एक ज्यूंरी के पैनल द्वारा किया जाता है। इस ज्यूकरी में शिक्षा, प्रशासन और वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी नामचीन हस्तियां रहती हैं जिनका यूसीसीआई से कोई संबंध नहीं होता है। 

जेके टायर के विषय में:
जेके संगठन का अंग, जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत की अग्रणी टायर निर्माता कंपनी है। इसकी गिनती विश्व के शीर्ष 25 निर्माताओं में होती है और यह अपने विविध रेंज के उत्पादों से ऑटोमोबाइल उद्योग के विविध व्यावसायिक वर्गों की जरूरतें पूरी करती है। जेके टायर भारत में एकमात्र निर्माता है, जिसे 2017 में सुपरब्रांड की सूची में शामिल किया जायेगा। कंपनी को छठी बार यह सम्मान प्राप्त हो रहा है। जेके टायर का कारोबार सभी छः महादेशों में 100 देशों में फैला हुआ है, जहाँ इसके भारत में स्थित 9 तथा मेक्सिको में 3 सहित कुल 12 कारखानों से तैयार उत्पाद बिकते हैं। वर्तमान में इसके सभी कारखानों की सकल सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 35 मिलियन टायरों की है। अप्रैल 2016 में जेके टायर ने बिरला टायर्स से कैवेंडिश इंडिया लिमिटेड का अधिग्रहण किया था, जिसके तीन आधुनिक कारखानों के साथ इसके कारखानों की कुल संख्या 12 हो गई है। इससे इस विशाल टायर कंपनी को दोपहिया/तिपहिया वाहन वर्ग में प्रवेश में मदद मिली। 2018 में कंपनी ने मैसूर में अपने अत्याधुनिक रघुपति सिंघानिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (आरपीएससीओई) का उद्घाटन किया। रेडियल टेक्नोलॉजी का प्रवर्तक, जेके टायर ने 1977 में पहला रेडियल टायर बनाया था और फिलहाल ट्रक बस रेडियल वर्ग के बाजार में इसका अग्रणी स्थान है। तीन दशकों से अधिक के प्रौद्योगिक नवोन्मेष की बदौलत जेके टायर सभी तरह के सवारी और व्यावसायिक वाहनों की संपूर्ण रेंज के लिए टायर मुहैया करता है जिनमें 3 किलोग्राम का दोपहिया टायर से लेकर 3.5 टन वजनी ओटीआर टायर तक शामिल हैं। जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के पास 4000 डीलरों और स्टील-ह्वील्स और एक्सप्रेस- ह्वील्स के नाम से 400 से ज्यादा समर्पित ब्रांड शॉप्स हैं जो अपने ग्राहकों को संपूर्ण समाधान मुहैया करा रहे हैं।

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