वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही में बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस के व्यक्तिगत नए कारोबार में 14 प्रतिशत की वृद्धि

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  • व्यक्तिगत नए कारोबार के मामले में उद्योग के औसत से भी आगे
  • ऑनलाइन यूलिप श्रेणी में बाजार में अग्रणी की स्थिति बरकरार
  • वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही में औसत टिकट का आकार 53,586 रुपए पर पहुंचा

पुणे
भारत की प्रमुख निजी जीवन बीमा कंपनियों में से एक बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने व्यक्तिगत रूप से रेटेड नए व्यवसाय प्रीमियम में प्रभावशाली वृद्धि का सिलसिला जारी रखते हुए वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही में 14 प्रतिशत की बढोतरी दर्ज की है। वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही के दौरान व्यक्तिगत नए व्यवसाय प्रीमियम में पारंपरिक व्यवसाय की हिस्सेदारी में 71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बजाज आलियांज ने नए बीमा प्रीमियम में 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ उद्योग के मुकाबले तेज गति से आगे बढ़ने की रफ्तार बनाए रखी है, जबकि वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही के दौरान उद्योग में कुल 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और निजी जीवन बीमाकर्ताओं की वृद्धि दर 11 प्रतिशत रही। कंपनी का औसत टिकट आकार भी 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही के दौरान 53,586 रुपए रहा, जबकि 53,586 वित्त वर्ष 2018 की 3 तिमाही में यह 43,865 रुपये ही था। 
कंपनी ने ऑनलाइन यूलिप श्रेणी में बाजार में अग्रणी की स्थिति भी हासिल कर ली है। नए दौर के अपने ऑनलाइन यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान- बजाज आलियांज लाइफ गोल एश्योरेंस, रिटर्न ऑफ मॉर्टेलिटी चार्ज (आरओएमसी) की अपनी तरह की पहली सुविधा के साथ, कंपनी ने लॉन्च के ग्यारह महीनों के भीतर 27,000 से अधिक पॉलिसियां जारी की हैं और इस तरह 263 करोड़ रुपए से अधिक का वार्षिक प्रीमियम हासिल किया। बजाज आलियांज लाइफ गोल एश्योरेंस को फरवरी 2018 को लॉन्च किया गया था।बजाज आलियांज लाइफ ने वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही के दौरान व्यक्तिगत नए बिजनेस प्रीमियम में 1,053 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की है, जबकि वित्त वर्ष 2018 की 3 तिमाही में यह 923 करोड रुपए ही था। नवीनीकरण प्रीमियम पर कंपनी ने वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही में 22 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करते हुए 2,463 करोड़ रुपये अर्जित किए, जबकि वित्त वर्ष 18 की तीन तिमाही में यह राशि 2,011 करोड़ रुपये ही थी। बजाज आलियांज लाइफ का सकल लिखित प्रीमियम वित्त वर्ष 2019 की 3 तिमाही में 5,567 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जबकि वित्त वर्ष 2018 की 3 तिमाही में यह 4,908 करोड़ रुपये ही था।

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