एफएडीए ने जनवरी’19 में वाहनों के रजिस्ट्रेशन का डेटा जारी किया

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  • हमारे पिछले अपडेट के अनुसार, पिछले 2 महीनों में अच्छी पूछताछ मिलने से अच्छी बिक्री के संकेत मिले, जिससे पीवी सेगमेंट में सकारात्मकता आई।
  • नए मॉडल के लॉन्च एवं स्टॉक क्लियरेंस सेल के कारण मासिक पैसेंजर वाहन रजिस्ट्रेशन ने सेल्स में अनुमानित से ज्यादा वृद्धि (माह दर माह) दर्ज की, जिससे बाजार के सकारात्मक रुख पर बढ़ने के संकेत मिले।
  • पीवी की अच्छी रिटेल के बाद पीवी के लिए वर्तमान आउटलुक निरंतर आशावादी है, लेकिन 2-व्हीलर एवं सीवी की रिटेल अभी भी चिंताजनक।
  • टू-व्हीलर डीलर्स की इन्वेंटरी चिंताजनक स्थिति में। पीवी एवं सीवी की इन्वेंटरी ज्यादा आशावादी नहीं, लेकिन अच्छी स्थिति में।

नई दिल्ली
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाईल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) ने आज जनवरी’19 माह के लिए वाहनों का मासिक रजिस्ट्रेशन डेटा जारी किया। जनवरी के आंकड़ों के बारे में एफएडीए के प्रेसिडेंट, श्री आशीष हर्षराज काले ने कहा, ‘‘अनुमान के अनुसार दिसंबर में हुई अच्छी पूछताछ के बाद ईयर-एण्ड ऑफर्स जनवरी तक जारी रहने से बिक्री के सकारात्मक संकेत मिले। खासकर पैसेंजर वाहन ओईएम ने ग्राहकों को खरीदी करने में मदद की। ग्राहकों की रुचि, यद्यपि अस्थिर रही, लेकिन धीरे धीरे सेल्स बढ़कर बेहतर परिणाम मिले। शानदार रिटेल पेशकशों के साथ पिछले महीनों के मुकाबले पूर्ण सकारात्मकता से पीवी कार की बिक्री बढ़ाने में मदद मिली। माह में हुए नए लॉन्च से भी खरीददारों का आकर्षण व उत्साह बढ़ा। यद्यपि मासिक आधार पर सभी सेक्टर्स ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की, लेकिन 2-व्हीलर की वृद्धि दर अच्छी स्थिति में नहीं और दिसंबर में हुई जबरदस्त वृद्धि के कारण सकारात्मक दिख रही है। सीवी वृद्धि दर बिना उछाल बिल्कुल समतल रही और ऊँची वृद्धि दर से काफी ज्यादा गिर गई, जो इसने पूरे साल अभी तक बनाई हुई थी।आगे भी एफएडीए को रिटेल वाहन की बिक्री में उछाल की उम्मीद है क्योंकि अंतरिम बजट घोषणा में 5 लाख तक की आय वालों को टैक्स में नई छूट दी गई है और किसानों को निश्चित आय का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्राहकों के बीच सकारात्मकता आएगी और बिल्कुल सीमा पर आय करने वालों की कमाई बढ़ेगी। इससे 2-व्हीलर, हल्के सीवी एवं ट्रैक्टर्स की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 19,000 करोड़ रु. के आवंटन के साथ ग्रामीण सड़कों पर सरकार का केंद्रण कॉन्स्ट्रक्शन उपकरणों एवं वाहनों तथा कमर्शियल उपयोग में लिए जाने वाले ट्रैक्टर की बिक्री बढ़ाने में योगदान देगा। एफएडीए ने बताया कि टूव्हीलर डीलर्स की इन्वेंटरी अभी भी बहुत ज्यादा है, क्योंकि 2-व्हीलर की रिटेल अभी भी दबाव में है और हमें उम्मीद है कि टूव्हीलर ओईएम जमीनी स्थिति को समझकर होलसेल बिलिंग में कमी करेंगे। एफएडीए द्वारा रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करने के इस अभियान के बारे में श्री काले ने कहा, ‘‘अगले माह से हम मासिक और वार्षिक दृष्टि से श्रेणी के अनुसार तुलनात्मक आंकड़े जारी करेंगे।’

एफएडीए इंडिया के बारे में:
1964 में स्थापित, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाईल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) भारत में ऑटोमोबाईल रिटेल उद्योग की एपेक्स नेशनल बॉडी है, जो 2/3 व्हीलर्स, पैसेंजर कार, यूवी, कमर्शियल वाहनों (बस एवं ट्रक सहित) और ट्रैक्टर्स की सेल्स, सर्विस एवं स्पेयर्स में संलग्न है। एफएडीए इंडिया 15,000 से अधिक ऑटोमोबाईल डीलर्स का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें 25,000 डीलरशिप शामिल हैं। इनमें क्षेत्रीय, राज्य और शहर के स्तर पर ऑटोमोबाईल डीलर्स के 30 एसोसिएशन हैं, जो भारत में 90 प्रतिशत बाजार अंश के बराबर हैं। हम मिलकर 2.5 मिलियन लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करते हैं एवं 2.5 मिलियन लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार देते हैं, इस प्रकार हम देश में डीलरशिप्स और सर्विस सेंटरों पर 5 मिलियन लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। एफएडीए इंडिया साथ-साथ, राज्य एवं देश के स्तर पर उद्योगों व अधिकरणों के साथ सक्रिय नेटवर्किंग करता है एवं ऑटो पॉलिसी, टैक्सेशन, वाहन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, सड़क सुरक्षा एवं स्वच्छ वातावरण आदि पर अपने इनपुट देता है, ताकि भारत में ऑटोमोबाईल रिटेल कारोबार की प्रगति सतत होती रहे।

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