ई-वेस्ट के खिलाफ देश की लड़ाई में गोदरेज अप्लायंसेज दूसरों से आगे

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  • ई-वेस्ट को बेहतर तरीके से संभालने के लिए गोदरेज ने शुरू की ई-वेस्ट जागरूकता अभियान और संग्रह कार्यक्रमों की एक श्रृंखला 

मुंबई
घरेलू उपकरणों के क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनियों में से एक गोदरेज अप्लायंसेज ने भारत बनाम ई-वेस्ट के बैनर तले ई-वेस्ट जागरूकता अभियान के कार्यक्रमों की एक श्रृंखला की शुरुआत की है। इस बार अंतरराष्ट्रीय ई-वेस्ट दिवस के अवसर पर गोदरेज अप्लायंसेज ने अपने टोल फ्री नंबर 1800 209 5511 के माध्यम से ‘कॉल टू कलेक्ट ई-वेस्ट‘ इनिशिएटिव को लॉन्च किया है, ताकि ई-वेस्ट को निपटाने के दायित्व को आसानी से पूरा किया जा सके। गोदरेज ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो भी पेश किया है, जिसमें उन बच्चों को लक्षित किया गया है, जो आज घरों में सबसे बड़े प्रभावशाली व्यक्ति हैं। यह वीडियो गोदरेज के एक अन्य सामाजिक अभियान के सिलसिले को ही आगे बढाता है, जिसे गोदरेज ने दशहरे के अवसर पर ‘रुइस रावण को मत जलाओ‘ टाइटल से पेश किया था, जिसमें ई-वेस्ट को जलाने की परंपरा के बारे में चर्चा की गई थी। गोदरेज ने उपभोक्ताओं के घरों से ई-वेस्ट के संग्रह की सुविधा के लिए अपने टोल-फ्री नंबर 1800 209 5511 के आईवीआर में एक विशेष प्रावधान पेश किया है। बस, टोल फ्री नंबर पर कॉल करके और आईवीआर पर 3 दबाकर, जो ई-वेस्ट संग्रह के लिए समर्पित है, उपभोक्ता ई-वेस्ट के पिकअप को शेड्यूल कर सकते हैं। यह लाइन 24x7 खुली है और 12 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुरोध स्वीकार कर सकती है। गोदरेज अप्लायंसेज के हैड-सर्विस श्री रवि भट ने इस अभियान की जानकारी देते हुए कहा, ‘‘गोदरेज हमेशा से अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए किसी भी सीमा तक जाने में यकीन करता है। हम मानते हैं कि पर्यावरण की रक्षा करना आज हम सबका दायित्व है और इसीलिए हम उचित तरीके से ई-वेस्ट की रीसाइक्लिंग के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने अब तक इस क्षेत्र में रिसाइकलरों के साथ साझेदारी को मजबूत करने और ऑडिट तंत्र को मजबूत करने पर काम किया था ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह प्रक्रिया मजबूती से पूरी की जा सके और अब हम इस पहल को अपने सभी उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहे हैं। ऐसी कई समस्याएं हैं जो ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग के रास्ते में आती हैं। समस्या को लेकर और उपलब्ध समाधानों के बारे में जागरूकता की कमी कुछ ऐसे मसलें हैं जिन्हें हम दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। ई-वेस्ट के उचित निपटान के महत्व पर बच्चों को शिक्षित करने के सिलसिले में गोदरेज अप्लायंसेज ने इस मुद्दे के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए आज एक सोशल मीडिया अभियान भी शुरू किया। डीवीसी में प्रतिदिन ‘रोहन’ को ‘ई-वेस्ट सुपरहीरो’ के रूप में बदलते दिखाया जाता है, जोयुवाओं से ई-वेस्ट के खिलाफ इस लड़ाई में हिस्सा लेने का आग्रह भी करता है। गोदरेज का मानना है कि समुचित ई-वेस्ट प्रबंधन के लिए समुदाय की भागीदारी महत्वपूर्ण है और बदलाव की शुरुआत घर से ही होती है। यही कारण है कि अभियान आपके घर पर सबसे अधिक प्रभाव रखने वाले लोगों को लक्षित कर रहा है - यानी आपके बच्चे। युवा उपभोक्ताओं तक पहुंचने का गोदरेज का यह पहला प्रयास नहीं है। इससे पहले ब्रांड ने अपने सेवा नेटवर्क - गोदरेज स्मार्टकेयर के माध्यम से इस साल के शुरू में देशभर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में ई-वेस्ट जागरूकता शिविर आयोजित किए। गोदरेज का लक्ष्य वर्ष के अंत तक प्रमुख शहरों में ई-कचरा जागरूकता स्कूल शिविर आयोजित करने का है। ई-वेस्ट से संबंधित गोदरेज की दशहरा पहल और जागरूकता अभियान का समापन इस नए वीडियो के साथ होता है। दशहरे के अवसर पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतिनिधित्व के रूप में रावण के पुतलों को जलाने की पुरानी परंपरा का लाभ उठाते हुए, गोदरेज अप्लायंसेज ने ई-वेस्ट जागरूकता अभियान ‘रुइस रावण को मत जलाओ‘ शुरू किया। इस अभियान की शुरुआत चंडीगढ़ शहर से की गई, जो मोहाली के करीब है, जहां गोदरेज उपकरणों के निर्माण की एक फैक्ट्री है। इस जागरूकता अभियान के केंद्र में ई-अपशिष्ट पदार्थ जैसे रेफ्रिजरेटर के पार्ट्स, वाशिंग मशीन के पुर्जे, केबल, कंप्रेशर्स, चार्जर, सर्किट इत्यादि से बना एक लाइफ साइज रावण था, जिसे चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला जैसे शहरों में घुमाया गया, ताकि हमारी धरती पर ई-वेस्ट के व्यापक प्रतिकूल प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके। ई-वेस्ट के माध्यम से रावण का निर्माण करने के लिए गोदरेज ने विशेष कलाकारों का सहयोग लिया और इस पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड भी किया। इसके बाद इस रावण के निर्माण और ई-वेस्ट को ठीक से निपटाने का आग्रह करने वाले एक छोटे से अभियान की शुरुआत की गई। सोशल मीडिया अभियान 2.5 मिलियन से अधिक लोगों तक पहुंचा और 3 दिनों के भीतर इस विषय पर लगभग 3,000 से अधिक ऑनलाइन चर्चाएं हुईं। ‘रुइस रावण को मत जलाओ‘ अभियान की सफलता से उत्साहित गोदरेज ने अब जिम्मेदारपूर्ण तरीके से ई-वेस्ट के निपटान को लेकर दीपावली से पूर्व एक और सोशल मीडिया अभियान शुरू किया है- ‘दिवाली की सफाई‘। ज्यादातर घरों में दिवाली से पहले साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाया जाता है, दिवाली से पहले हमारे घरों को साफ करना और उनका नवीकरण करना एक आम बात है। इसी पृष्ठभूमि में गोदरेज लोगों से आग्रह करता है कि वे अपने घरों में मौजूद अनावश्यक ई-वेस्ट का निपटारा समझदारीपूर्वक करें। इसके अलावा, जब लोग उत्सव के दौरान नए उत्पादों और उपकरणों को खरीदते हैं, तो इस दौरान ई-वेस्ट फुटप्रिंट को कम करके, उनका फिर से उपयोग (या दान) करके और इसे रीसाइक्लिंग करना भी सुनिश्चित करें। इस बारे में किसी भी सहायता के लिए उपभोक्ता टोल फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इस अभियान की जानकारी देते हुए गोदरेज अप्लायंसेज की हैड-मार्केटिंग सुश्री स्वाति राठी ने कहा, ‘‘पर्यावरण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को देखते हुए गोदरेज अप्लायंसेज पिछले कुछ समय से ग्रीन प्रोडक्ट्स और ग्रीन मैन्यूफैक्चरिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। ई-वेस्ट को लेकर जागरूकता बढाने का प्रयास करना इसी सिलसिले में उठाया गया एक और कदम है। चूंकि अभी त्यौहार का सीजन है और इस दौर में अनेक लोग नए उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीद पर ध्यान दे रहे हैं, इस लिहाज से हमने महसूस किया कि उत्पादों से परे जाने और ई-वेस्ट के बारे में भी बात करने का यह सही समय है। इस समस्या से निपटने के लिए दरअसल व्यक्तिगत और सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता है। जागरूकता फैलाने के लिए, हम कई डिजिटल और एक्टिवेशन अभियान चला रहे हैं, जिन्हें दशहरा और दीवाली की सामयिकता के साथ-साथ विशिष्ट बच्चों को लक्षित करते हुए तैयार किया गया है। हमने बच्चों से बात करने का विकल्प चुना क्योंकि पर्यावरण संरक्षण हमारी भावी पीढ़ी के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक है और बच्चे सबसे अच्छे प्रभाव वाले और परिवर्तनकारी एजेंट के रूप में काम कर सकते हैं। कई अन्य रचनात्मक सामग्री विचार हैं, जो हम ई-वेस्ट जागरूकता के लिए काम कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि समय के साथ, हम इस प्रयास के माध्यम से सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने में सक्षम हो पाएंगे।

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