गूगल फॉर इंडिया 2019 भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को शक्ति देने

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नई दिल्ली
आज, अपने वार्षिक गूगल फॉर इंडिया इवेंट के पांचवें संस्करण के अवसर पर भारत में हर एक के लिए इंटरनेट को अधिक सुलभ, समावेशी, और उपयोगी बनाने के लिए इसकी योजनाओं की घोषणा की गई। भारत के डिजिटल रूपांतरण और इससे उत्पन्न अभूतपूर्व अवसरों के बारे में बात करते हुए सीजऱ सेन गुप्ता, वॉइस-प्रेसिडेंट, नेक्स्ट बिलियन यूजर्स इनीशिएटिव एंड पेमेंट्स ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि, पूरे भारत में रेलवे स्टेशनों से बढक़र गांवों तक पहुंच बढ़ाने की गूगल की निरंतर प्रतिबद्धता के साथ हमने गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार के गांवों में तीव्र, भरोसेमंद और सुरक्षित सार्वजनिक वाईफाई सेवा पेश करने के लिए बीएसएनएल के साथ साझेदारी की है। एआई के क्षेत्र में उन्नति तथा बड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु इसके उपयोग में योगदान की भारत की क्षमताओं पर बात करते हुए, उन्होंने गूगल रिसर्च इंडिया की घोषणा की, जो कि बैंगलौर में एक एआई लैब होगी, जो आधारभूत कम्प्यूटर विज्ञान को उन्नत बनाने तथा एआई अनुसंधान कार्य करने और इस अनुसंधान का उपयोग स्वास्थ्यसेवा, कृषि और शिक्षा जैसे बड़े क्षेत्रों में बड़ी समस्याएं सुलझाने हेतु करने तथा करोड़ों लोगों के लिए ऐप्स और सेवाएं अधिक उपयोगी बनाने हेतु भी इसका उपयोग करने पर केंद्रित होगी। इसके अलावा गूगल ने 2जी फोन का उपयोग करने वाले करोड़ों भारतीयों की मदद हेतु भी एक पहल करने की घोषणा की जिनके लिए ज़रूरी सूचनाएं डेटा या इंटरनेट कनेक्शन की ज़रूरत के बिना ही उनको उपलब्ध कराई जाएंगी। जहां इंटरनेट तक पहुंच में सुधार केवल शुरूआती कदम है, ऐसे में उनकी बोली जाने वाली भाषाओं में  उनके लिए ज़रूरी सूचनाओं के साथ इसे प्रासंगिक और मददगार बनाना समान रूप से महत्त्वपूर्ण है। भारत में असिस्टैंट की लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए मैनुएल ब्रोंस्टीन, वॉइस प्रेसिडेंट, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, गूगल ने कहा कि बहुत सारे भारतीयों के लिए, खोज करने हेतु आवाज़ का उपयोग उनका पसंदीदा तरीका बनती जा रही है और आज अंग्रेजी के बाद हिंदी दूसरी ऐसी भाषा बन गई है जो विश्वस्तर पर असिस्टैंट में सर्वाधिक इस्तेमाल की जाती है। उन्होंने नौ भारतीय भाषाओं हिंदी, मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगू, गुजराती, कन्नड़, मलयालम और उर्दू, में एकदम नया अनुभव पेश करने की घोषणा की जो उपयोक्ताओं को सेटिंग्स में उलझने की आवश्यकता के बिना उनके असिस्टैंट से अधिक स्वाभाविक ढंग से बात करने में मदद करेगा। उदाहरण के लिए, हिंदी बोलने वाले उपयोक्ता अब बस यह कह सकते हैं हेय गूगल, मुझसे हिंदी में बात करो। यह विशेषता सभी एंड्रायड, एंड्रायड गो और काइओएस डिवाइसों पर उपलब्ध होगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले महीनों में एंड्रायड और एंड्रायड गो फोन्स पर असिस्टैंट में इंटरप्रेटर मोड भी जल्दी ही पेश किया जाएगा जिससे एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद करने की सुविधा मिलेगी, और इससे पूरे भारत में और अधिक उपयोक्ताओं के लिए अधिक प्रासंगिक जानकारियां और सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी। मैनुएल ने गूगल असिस्टैंट द्वारा समर्थित वोडाफोन-आइडिया फोन लाइन की भी घोषणा की, जो वोडाफोन-आइडिया के उपयोक्ताओं को किसी भी समय एक नि:शुल्क नंबर (000 800 9191000) पर कॉल करने तथा खेल स्कोर, यातायात स्थितियां और मौसम के पूर्वानुमान आदि पूछने या होमवर्क में मदद लेने की सुविधा प्रदान करेगी। भारतीयों के लिए गूगल को मददगार बनाने के अलावा, योसी माटियास, वॉइस प्रेसिडेंट, इंजीनियरिंग, गूगल ने घोषणा की कि हम डिस्कवर में-जो कि भारतीयों को उनकी पसंदीदा कहानियों के बारे में अपडेट देने वाली गूगल फीड है- में और अधिक भारतीय भाषाएं जोड़ रहे हैं। इनमें तमिल, तेलुगू, बंगाली, गुजराती, मराठी, कन्नड़, और मलयालम शामिल हैं, तथा उडिय़ा, उर्दू और पंजाबी को जल्दी ही शामिल किया जाएगा। भारत में सीखने और पढऩे की कमी दूर करने के अपने प्रयास को आगे बढ़ाते हुए गूगल ने बोलो-स्पीच आधारित ऐप का पांच नई भाषाओं-बांग्ला, मराठी, तमिल, तेलुगू, और उर्दू-में विस्तार किया है, जो बच्चों को पढऩा सीखने में मदद करता है, और हमारी विषयवस्तु के भंडार (कंटेंट पूल) को बढ़ाने के लिए छोटा भीम और कथा किड्ज जैसे प्रकाशकों से साझेदारी की गई है। सपना चड्ढा, डॉयरेक्टर, मार्केटिंग, साउथईस्ट एशिया एंड इंडिया गूगल ने कहा किए बोलो ने 800,000 भारतीय बच्चों को तीस लाख से अधिक बार कहानियां पढऩे, तथा पचास लाख शब्द बोलने में मदद की है। साझा, कैवल्य एजुकेशन फाउंडेशन, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, रूम टू रीड आदि एनजीओ के साथ साझेदारी तथा राज्य सरकारों और स्कूलों के साथ मिलकर काम करते हुए, पूरे देश में बोलो को और अधिक बच्चों तक पहुंचाना हमारा ध्येय है। सपना ने यह भी कहा कि, गूगल लेंस..जो लोगों को उनकी पसंदीदा चीज़ों पर उनके फोन का कैमरा केंद्रित करके सूचनाओं की खोज करने, प्रश्न पूछने, और पाठ अनुवादित करने की सुविधा देता है, यह अब तमिल, तेलुगू और मराठी में भी उपलब्ध होगा। भारत के डिजिटल भुगतान परिवेश को सपोर्ट देने और आर्थिक अवसरों हेतु प्लेटफार्म विकसित करने में गूगल पे के योगदान पर प्रकाश डालते हुए अम्बरीश केंघे, डॉयरेक्टर, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, गूगल पे ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा किए श्डिजिटल भुगतानों की शुरूआत, भारत की तेजी से बढ़ती इंटरनेट आधारित अर्थव्यवस्था का सबसे खास पहलू है। भीम यूपीआई के पिछले महीने 90 करोड़ भुगतानों का आंकड़ा पार कर जाने के साथ, भुगतानों के डिजिटलीकरण के मामले में भारत अब विश्व में नए मानक स्थापित कर रहा है। पिछले केवल 12 महीनों में गूगल पे 3 गुने बढक़र 670 लाख सक्रिय उपयोक्ताओं तक पहुंच गया है, और करोड़ों ऑफलाइन और ऑनलाइन व्यापारियों के माध्यम से वार्षिक आधार पर $110 बिलियन से अधिक के लेनदेन करा रहा है। डिजिटल भुगतानों की वृद्धि में और सहयोग देने के लिए, केंघे ने गूगल पे पर स्पॉट प्लेटफार्म लांच करने की घोषणा की, जो व्यापारियों को ऐसा ब्रांडेड अनुभव सृजित करने में सक्षम बनाएगा ऑफलाइन और ऑनलाइन परिवेश की दूरियां खत्म करेगा। अर्ली ऐक्सेस प्रोग्राम के तहत गूगल पे के उपयोक्ता लोकप्रिय सेवाओं जैसे कि अर्बन क्लैप, गोइबिबो, मेकमायट्रिप, रेडबस, ईट.फिट, और ओवन स्टोरी के स्पॉट का पहले से ही उपयोग कर सकेंगे। इसके अलावा, डेबिट और क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए गूगल पे ने टोकनाइज्ड कार्ड लांच करने की भी घोषणा की जो कि आपके फोन पर आपकी वास्तविक कार्ड संख्या के बजाय एक डिजिटल टोकन का उपयोग करते हुए चीज़ों हेतु भुगतान करने का एक सुरक्षित तरीका है। गूगल पे पर टोकनाइज्ड कार्ड अगले कुछ सप्ताहों में वीज़ा काड्र्स के साथ एचडीएफसी, ऐक्सिस, कोटक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंकों के लिए पेश किए जाएंगे और आने वाले महीनों में मास्टरकार्ड और रूपे तथा अन्य बैंकों के लिए सपोर्ट पेश की जाएगी। व्यापारियों द्वारा डिजिटल भुगतानों को अपनाए जाने का तेजी से विस्तार करने की गूगल पे की योजनाओं के बारे में बात करते हुए केंघे ने कहा कि, भारत के 6 करोड़ से अधिक छोटे कारोबारियों में से ज्यादातर अभी वृद्धिशील डिजिटल अर्थव्यवस्था का लाभ नहीं ले रहे हैं। हमने गूगल पे फॉर बिजनेस नामक एक नया ऐप लांच किया है। यह छोटे और मध्यम आकार के कारोबारियों को, अधिक समय लेने वाली ऑनबोर्डिंग और सत्यापन प्रक्रियाओं के झंझट के बिना डिजिटल भुगतान में सक्षम बनाने का मुफ्त और आसान तरीका है। हमें आशा है कि यह पहल व्यापारियों को अधिक आत्मविश्वास के साथ डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रेरित करेगी और ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं की दीर्घकालीन वृद्धि में योगदान करते हुए हर एक भारतीय को लाभ पहुंचाएगी। प्रत्येक भारतीय के लिए आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने का अर्थ लोगों को नौकरियों हेतु तैयार करने, तथा उन्हें सही अवसरों से जोडऩे से भी संबंधित है। सीजऱ सेन गुप्ता, वॉइस-प्रेसिडेंट, नेक्स्ट बिलियन यूजर्स इनीशिएटिव एंड पेमेंट्स ने शुरूआती स्तर की नौकरियों, जिन्हें ऑनलाइन खोजना आसान नहीं होता, पर केंद्रित एक नए जॉब एफर्ट की घोषणा की। उन्होंने बताया कि, श्नौकरी के इच्छुक लोगों को उनकी ज़रूरतों के हिसाब से शुरूआती स्तर की नौकरियां खोजने और उनके लिए तैयारी करने में मदद के लिए गूगल पे पर एक स्पॉट पर जॉब्स उपलब्ध होंगी। यह मशीन लर्निंग का उपयोग करते हुए नौकरियों की सलाह और प्रशिक्षण सामग्री प्रदान करेगा जिससे इन उपयोक्ताओं को इंटरव्यू की तैयारी करने और नए कौशल सीखने में मदद मिलेगी। जॉब्स में उनके लिए संभावित नियोक्ताओं के यहां आवेदन करना, इंटरव्यू निर्धारित करना और सीधे जुडऩा भी आसान बनाया जाएगा।श् इसके अलावा, सीजऱ ने राष्ट्रीय कौशल विकास निगम से उनके स्किल इंडिया कार्यक्रम हेतु साझेदारी की घोषणा भी की। इस सहयोग के अंतर्गत स्किल इंडिया के छात्रों को नौकरियों की शुरूआत और रोजगार अवसर प्राप्त करने के लिए एक निर्बाध तरीका प्रदान किया जाएगा। जॉब स्पॉट को 24 शुरूआती साझेदारों के साथ पेश किया गया है जिनमें रिटेल से 24सेवन और हेल्थकार्ट, डिलीवरी और लॉजिस्टिक्स से स्विगी, जोमैटो और डुंजो, और हॉस्पिटैलिटी से फैबहोटल्स शामिल हैं, जिसके अलावा आगामी सप्ताहों में और अधिक सेक्टरों तथा साझेदारों को शामिल किए जाने की घोषणा की जाएगी।

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