किम्बरली प्रोसेस इंटरनेशनल मीटिंग: इंडिया-केपी चेयर में 'पीस डायमंड' की ओर कदम बढ़ाने पर जोर दिया गया

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मुंबई
किम्बरली प्रोसेस सर्टिफिकेशन स्कीम (केपीएसएस) इंटरनेशनल मीटिंग 2019 केपीएसएस की वर्ष के मध्य में आयोजित होने वाली सालाना बैठक है, जो दुनिया भर की सरकारों के खिलाफ युद्ध के वित्तपोषण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 'कान्फ्लिक्ट डायमंड' के प्रवाह को कम करने के लिए प्रशासन, सिविल सोसाइटी और हीरा उद्योग को एकजुट कर रही है। भारत 2019 के लिए केपी चेयर है, यानी इसकी अध्यक्षता कर रहा है और 17-21 जून 2019 तक मुंबई में आयोजित हो रही केपी इंटरसेशनल मीटिंग की मेजबानी कर रहा है। आलोकवर्धन चतुर्वेदी, केपी चेयर (भारत) और डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने 82 देशों के केपी प्रतिभागियों की मेजबानी करने के साथ उन्हें संबोधित किया, इनमें अमरीका, रूसी संघ, यूरोपीय संघ, अफ्रीका, कनाडा, चीन, इजरायल, जापान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण एशिया आदि देशों से केपी प्रतिभागी शामिल हैं। स्टीफन फिशरेल शमिसो मतिसी ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। किम्बरली प्रोसेस चेयरमैनशिप 2019 इंडिया कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से केपी एक्सपोर्टिंग / इम्पोर्टिंग अथॉरिटी - जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के साथ सहयोग में किया गया है।चतुर्वेदी ने इस अवसर पर सभा को संबोधित किया, जिनमें केपी रशियन फेडरेशन के वाइस चेयरमैन, वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष- वर्किंग ग्रुप ऑफ डायमंड एक्सपट्र्स, वर्किंग गु्रप ऑन मॉनिटरिंग, बोत्सवाना के प्रतिनिधि, वल्र्ड डायमंड काउंसिल के अध्यक्ष और प्रतिनिधि, सिविल सोसाइटी कॉलिशन के समन्वयक सहित कई अन्य गणमान्य लोग शामिल थे। अपने उद्घाटन भाषण में, आलोकवर्धन चतुर्वेदी, केपी चेयर (इंडिया) और डीजीएफटी ने कहा, 'भारत, केपीसीएस के संस्थापक सदस्यों में से एक है और केपी चेयर 2019 के रूप में खुश और गर्वित होते हुए 2019 की किम्बरली प्रोसेस इंटरनेशनल मीटिंग की मुंबई में मेजबानी करने का विशेषाधिकार पाकर प्रसन्न है। मुंबई, जहां, हीरे की परम्परा सदियों पुरानी है और जो दुनिया के सबसे बड़े डायमंड बोर्स (एक्सचेंज) भारत डायमंड बोर्स के लिए मशहूर है। अपने 16वें वर्ष में, किम्बरली प्रोसेस ने वैविक स्तर पर शांति और सुरक्षा और समृद्धि में योगदान दिया है और भारत केपी के प्रभाव को और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। चतुर्वेदी ने कान्फ्लिक्ट डायमंड से पीस डायमंड की तरफ जाने की वकालत करते हुए कहा, 'आज, दुनिया के लगभग 99.8 हीरे संघर्ष-मुक्त स्रोतों से आते हैं। हीरे के 4 'सी' (कट, क्लियरिटी, कलर और कैरेट) जल्द ही 5 'सी' में विस्तारित हो सकती है और यह 5वां 'सी' कान्फ्लिक्ट- फ्री हो सकता है। वहीं डायमंड मार्केटिंग के 5 'पी' (प्राइज, पॉपुलैरिटी, प्रेस्टीज, प्राइसलेस) में 'पीस' डायमंड भी एक 'पी' बनेगा। उन्होंने कहा, 'केपी चेयर के रूप में भारत, सरकारों, अंतरराष्ट्रीय हीरा उद्योग और सिविल सोसायटी के साथ सर्वसम्मति से काम करना जारी रखेगा। केपी इंटरनेशनल मीटिंग, एक पारदर्शी और संक्षिप्त कोर डॉक्यूमेंट्स बनाने में मदद करेगी, केपी मानकों को बढ़ाएगी और सहकर्मी समीक्षा तंत्र के तौर-तरीकों, प्रतिनिधित्व और भागीदारी के स्तर को ऊपर उठाने जैसे प्रमुख लक्ष्यों के साथ-साथ आवश्यक डेटा के एकत्रीकरण और प्रवाह में सुधार करेगी। वर्किंग ग्रुप चेयर्स की प्रजेंटेशंस और अन्य प्रस्तुतियों सहित मुंबई में केपी इंटरनेशनल मीट में डायमंड टर्मिनोलॉजी और आर्टिसनल माइनिंग पर विशेष फोरम होगी, वहीं सामूहिक रूप से व्यवस्थित काम किए जाने को लेकर मुंबई के प्रसिद्ध डब्बावालाज 'चेन ऑफ कस्टडी' को पेश करेंगे वहीं ऑल इंडिया अंगदियाज एसोसिएशन स्वदेशी समाधान प्रस्तुत करेंगे। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय कॉमन फेसिलिटी सेंटर्स (सीएफसी) के माध्यम से पूलिंग संसाधनों की प्रस्तुति देगा वहीं जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) क्लस्टर मैपिंग, परिचय कार्ड, स्वास्थ्य योजनाओं आदि पर सत्र प्रस्तुत करेगी।

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