टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने भारत में अपनी यात्रा के 20 वर्ष पूरे करने की खुशियां मनाइ

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बैंगलोर
दुनिया भर में अग्रणी वाहन निर्माता, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर भारत में ग्राहकों को बेहतर कारें मुहैया कराने के 20 साल पूरे होने पर खुशी मना रहा है। भारत में टोयोटा का फोकस स्थायी विकास और प्रतिस्पर्धी बने रहने के प्रति स्थिर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित अपने मॉडल के जरिए इसने यहां लोगों को सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा, आराम, लक्जरी, गुणवत्ता, बिक्री के बाद की सेवा पेश की है ताकि ग्राहकों के विश्वास और भरोसे को मजबूत किया जा सके। टोयोटा भिन्न वर्गों के अपने जाने-माने उत्पादों जैसे क्वालिस, इनोवा, फॉरच्यूनर और कॉरोला के जरिए लोगों का दिल जीतता रहा है और इसके लिए इसका अंतरराष्ट्रीय क्यूडीआर दर्शन है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की दूरदृष्टि, दर्शन और दिशानिर्देशों से स्थायी भविष्य के प्रति इसकी प्रतिबद्धता का पता चलता है। टोयोटा सिर्फ विश्व स्तर की बनाने के मुकाबले मुख्य रूप से देश में मौजूद बड़े मामलों का हल निकालने पर ध्यान देता है। सोचने की यह शैली उसकी उत्पादन प्रणाली, उत्पादों और सेवाओं के साथ राष्ट्रीय अभियान तथा तमाम दैनिक परिचालनों को आगे बढ़ाती है। इसमें निम्न उत्सर्जन, ईंधन की किफायत, ऊर्जा संरक्षण आदि सुनिश्चित किया जाता है तथा सुरक्षा पूर्व शर्त है। टोयोटा ग्राहकों की बातें सुनता रहा है और तेजी से बदलती भारतीय कार ग्राहकों की आवश्यकताओं का लगातार मूल्यांकन करता रहा है ताकि भारतीय बाजार को सही उत्पादों की पेशकश की जा सके। सन 2000 में कंपनी के बहुद्देश्यीय वाहन ‘क्वालिस’ को पेश करने का बाद से कंपनी भारत में ग्राहकों की उभरती अपेक्षाओं पर फोकस करती रही है। कंपनी अपने उत्पादों को लगातार अपग्रेड करती रही है और भारतीय बाजार में नई खोज तथा प्रौद्योगिकी पेश करती रही है। ग्राहक संतुष्टि में टोयोटा लगातार नंबर वन रहा है और इसके हरेक उत्पाद की पेशकश एक उपलब्धि है। 2002 में टोयोटा कैमरी के बाद 2003 में कॉरोला, 2005 में इनोवा, 2009 में फॉरच्यूनर, 2010 में इटियॉस, 2016 में इनोवा क्रिस्टा और 2018 में यारिस की पेशकश की गई। उत्पादों की विविधतापूर्ण श्रृंखला से टोयोटा ने कोशिश की है कि सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता, बेजोड़ सुरक्षा, प्रदर्शन, ईंधन की किफायत और हरेक वर्ग में बेजोड़ आराम के इसके मानकों को बेहतर किया जाए।   
भारत में सफल यात्रा के क्रम में टोयोटा के लिए कस्टमर फस्र्ट (सबसे पहले ग्राहक) मुख्य दिशानिर्देश सिद्धांत रहा है। इसके जरिए ग्राहकों को एक सुरक्षित, सुविधाजनक और बाधामुक्त वाहन चलाने का अनुभव हुआ है। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 2017 में टोयोटा कनेक्ट इंडिया की पेशकश की। यह एक स्मार्टफोन एपलीकेशन आधारित कनेक्टेड सेवा है जो ग्राहकों की मोबिलिटी और स्वामित्व की आवश्यकताओं की पूर्ति निजी तौर पर करता है। टोयोटा कनेक्ट इंडिया पूरी तरह एकीकृत क्लाउड आधारित कनेक्टेड सर्विस प्लैटफॉर्म है जिसे एक समर्पित और सुविज्ञकॉल सेंटर, टोयोटा के डीलर नेटवर्क और सेवा प्रदाताओं का समर्थन है। भारत के शहरी क्षेत्रों में होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं में तेजी से वृद्धि के जवाब में और ग्राहकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए टोयोटा पहली वाहन निर्माता कंपनी है जिसने 2015 में सभी ग्रेड्स और मॉडल में एयरबैग को मानकीकृत किया है। यही नहीं, एबीएस और ईबीडी को भी मानकीकृत कर दिया गया है सितंबर 2016 में नए प्लैटिनम इटियॉस और लीवा की पेशकश के साथ, इस तरह, सुरक्षा की महत्ता को पुनस्र्थापित  किया गया है। 2018 में नई यारिस की पेशकश से टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने टीकेएम, ने सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया है और इस वर्ग में यह पहली गाड़ी है जो अपने सभी रूपांतरों में 7 एसआरएस एयरबैग्स-(डी़पी+एयरबैग्स, साइड एयरबैग्स, कर्टन शील्ड एयरबैग्स (सीएसए) और नी एयरबैग की पेशकश करती है। टोयोटा की निरंतर यह कोशिश रहती है कि सुरक्षा के लिए उन्नत टेक्नालॉजी का विकास किया जाए और इनका उपयोग अपने वाहनों में करे। टोयोटा के अंतरराष्ट्रीय दर्शन से तालमेल में- टोयोटा किर्लोस्कर मोटर सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है और कंपनी ने भिन्न सुरक्षा पहल लागू की है। यह सब स्टेकधारकों के साथ तालमेल में किया गया है। इनमें कर्मचारी, डीलर पार्टनर, सप्लायर पार्टनर शामिल हैं और यह सब सुरक्षित कार निर्माण, सुरक्षित चालकों का विकास तथा सुरक्षित माहौल बनाने की त्रिआयामी अवधारणा के तहत है। भारत में हर चार मिनट पर एक घातक दुर्घटना होती है। इसका मतलब है कि हर साल ऐसी 1.4 लाख दुर्घटनाएं होती है। इससे बचने के लिए देश में वाहन चलाने की सुरक्षित संस्कृति का विकास करने के लिए टोयाटा ने कोच्चि में अपना पहला ड्राइविंग स्कूल 2015 में शुरू किया। इसके बाद से टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने 11 अन्य ड्राइविंग स्कूल की शुरुआत की है। ये कोच्चि, लखनऊ, हैदराबाद (दो), चेन्नई (दो), कोलकाता, फरीदाबाद, विजयवाडा और सूरत में हैं। सडक़ सुरक्षा के लिए ब्रांड के ‘सेफेस्ट कार विद सेफेस्ट ड्राइवर’ मिशन के भाग के रूप में इसकी योजना 2020 तक देश भर में ऐसे स्कूलों की संख्या 50 करने की है। हम और स्थायी भविष्य का विकास करने के लिए भी प्रयास करते हैं और हाईब्रिड टेक्नालॉजी में अग्रणी होने के नाते इस मूवमेंट की दिशा में यह हमारा पहला कदम है। शिक्षा, सामुदायिक विकास और पर्यावरण पर केंद्रित पहल के जरिए हमारा लक्ष्य एक ऐसी कंपनी बनाना है जो प्रकृति और समाज के साथ तालमेल में काम करे।

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