इंडिया की नई दुकान 'किराना किंग' जयपुर में 14 रिटेल स्टोर्स के साथ शुरू

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जयपुर
एक क्रांतिकारी विचार और रिटेल किराना कारोबार को झकझोरने वाली किराना किंग - इंडिया की नई दुकान भारतीय किराना क्षेत्र का चेहरा बदलने के लिए तैयार है। रिटेल किराना व्यवस्था को मजबूत करने के अविश्वसनीय तरीके वाली कंपनी ने हाल ही में जयपुर में 14 रिटेल स्टोरों को पूरी तरह नया जामा पहनाकर अपना रिटेल फॉर्मेट सबके सामने पेश किया। किराना किंग का जोर किराना की ऐसी स्थानीय दुकानों को बेहतर बनाने पर है, जिनके पास अपना करोबार बढ़ाने के लिए पर्याप्त संसाधन और सहयोग नहीं है।
भारत के कुल रिटेल बाजार में 69 प्रतिशत हिस्सेदारी किराना रिटेल की है और यह लगभग 552 अरब डॉलर का अनुमानित बाजार है, जिसमें 92 प्रतिशत यानी लगभग 504 डॉलर का बाजार असंगठित है। किराना किंग के पीछे असली मकसद इस क्षेत्र को संगठित बनाना और तमाम कारोबारी चुनौतियों को खत्म कर सभी किराना दुकानों को कामयाबी और खुशी की किरणों से चमकाना है।
भारत में सभी क्षेत्रों में रिटेल कारोबार का तरीका बेहद तेजी से बदल रहा है, उपभोक्ताओं को खरीदारी का तरीका भी तेजी से बदल रहा है और ऑनलाइन कारोबार भी दिनोदिन बढ़ रहा है। लेकिन किराना की दुकानें लंबे समय से ऐसी ही हैं। इसलिए बड़ा सवाल यह है कि यदि वे कारोबार के नए तरीके नहीं अपनाएंगी तो आगे जाकर उनका अस्तित्व कैसे बच पाएगा? इसी सवाल से किराना किंग ने जन्म लिया, जिसका स्पष्ट उद्देश्य मानकीकरण, केंद्रीकरण तथा डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए और भारत में किराना की दुकानों को नया रूप एवं एकसमान ब्रांड पहचान मुहैया कराते हुए मौजूदा किराना रिटेल कारोबार को मजबूत करना है। भारत में मोटे तौर पर किराना की 1.20 करोड़ दुकानें हैं, जिनमें 80 प्रतिशत रिटेल के पुराने तौर-तरीकों वाले छोटे पारिवारिक कारोबार के रूप में चल रही हैं। किराना रिटेल को ताकत देने की आकांक्षा के साथ किराना किंग 2025 तक जयपुर में इसी प्रकार की 500 किराना दुकानें और देश भर में 10,000 किराना दुकानें खोलने जा रही है। इसका कारण भी स्पष्ट है। भारतीय किराना रिटेल उद्योग की देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 16 प्रतिशत हिस्सेदारी है और देश में कुल रोजगार का 8 प्रतिशत इसी क्षेत्र से उत्पन्न होता है। कंपनी किराना किंग के संस्थापक और मुख्य कार्य अधिकारी श्री अनूप कुमार खंडेलवाल के दूरदर्शिता भरे नेतृत्व में सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। श्री खंडेलवाल के पास दशकों का वैश्विक और स्थानीय कारोबारी अनुभव है तथा नया तंत्र तैयार करने एवं व्यावहारिक लक्ष्य निर्धारित करने की बेमिसाल क्षमता उनके पास है। किराना किंग के संस्थापक एवं सीईओ अनूप कुमार खंडेलवाल ने कहा, "हमने स्थानीय किराना रिटेल को ठीक से समझने के लिए पहले जयपुर और उसके आसपास तथा बाद में पूरे भारत में शोध किया। 
हमारे विशेषज्ञों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पारंपरिक तथा आधुनिक किराना प्रणालियों का भी अध्ययन किया। गहन शोध के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे कि समस्या मांग में नहीं है बल्कि कारोबार करने के असंगठित तरीके में है। आपूर्ति श्रृंखला, बुनियादी ढांचे में मौजूद विभिन्न समस्याओं पर विचार करने के बाद किराना किंग ने समूची किराना रिटेल व्यवस्था को ताकत देने के लिए एक अनूठी प्रणाली तैयार की। इस मजबूत प्रणाली में किचन किंग के साथ रिटेलर, आपूर्तिकर्ता और उपभोक्ता प्रमुख कडिय़ों के रूप में मौजूद हैं। शुरुआती नतीजे उम्मीद से भी बढ़कर रहे और इस भरोसेमंद धारणा में ब्रांड का भरोसा और बढ़ा दिया कि 'आगे बढऩे के लिए बदलाव अच्छा होता है। किराना किंग ने मौजूदा किराना दुकानों के साथ साझेदारी का अनूठा कार्यक्रम तैयार किया है, जिसमें वे सभी घटक शामिल हैं, जो उन्हें अच्छी तरह से व्यवस्थित किराना स्टोर बनाने के लिए जरूरी हैं। किराना किंग 15 अगस्त को किराना उद्योग में "परिवर्तन" लाने के लिए तैयार है। वह किराना वालों को किराना किंग बनाने के लिए तैयार है। किराना वालों को उनके सदियों पुराने पारंपरिक कारोबारी तरीके से "आजादी" दिलाने का तराना गूंज रहा है। जयपुर में 13 वैल्यू स्टोर और एक सुपरस्टोर खोल चुकी कंपनी अब दिसंबर तक इनकी संख्या 100 से ऊपर ले जाने की तैयारी कर रही है। कंपनी किराना रिटेल की व्यवस्था को ताकतवर बनाने के लिए ओम्नी चैनल की रणनीति अपनाने की योजना बना रही है ताकि डिजिटल कारोबार बढ़ सके और युवा उपभोक्ताओं को लुभाया जा सके।

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