दूसरी ऐम्फि म्यूचुअल फंड ने में डिजिटल संगम और निश्चित आय निवेश के प्रोत्साहन पर जोर दिया

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मुंबई
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (ऐम्फि) देश में सभी म्यूचुअल फंड्स की एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का व्यापार संघ, ने अपने वार्षिक म्यूचुअल फंड शिखर सम्मेलन के दूसरे संस्करण में आज कैसे और कहां से म्यूचुअल फंड के अगले चरण में वृद्धि आयेगी, इस पर चर्चा की - इंटरमीडिएशन और ग्राहक सेवाओं के लिए अधिक डिजिटल तकनीक अपनानी होगी, और देश भर के छोटे निवेशकों के बड़े पूल के लिए रिटेल निवेश एवेन्यू के रूप में निश्चित आय सेगमेंट को विकसित करके। ये दोनों पहलें ऐम्फि के प्रमुख फोकस क्षेत्रों के आधार होंगे और अगले 12 महीनों की अवधि में पूरे देश में भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग के विकास को बढ़ावा देंगे।इस फोकस के अनुरूप, 2018 के लिए दूसरी ऐम्फि क्रिसिल फैक्ट बुक का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में सेबी के अध्यक्ष अजय त्यागी ने किया था, जिसका शीर्षक समुचित रूप से है डिजिटल एवेल्यूशन - कैन टैक्नोलॉजी बी द प्रोपेलिंग फैक्टर फॉर द इण्डस्ट्री।
वार्षिक ऐम्फि म्यूचुअल फंड शिखर सम्मेलन का उद्देश्य म्यूचुअल फंड उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उद्योग की ताकत और अवसरों के बारे में चर्चाओं को प्रसारित करने और पिछले वर्ष की उपलब्धियों का जश्न मनाने एवं चुनौतियों का समाधान करना है। इस इवेंट के दूसरे संस्करण का थीम म्यूचुअल फंड उद्योग के विस्तार के लिए रोडमैप को परिभाषित करना और डिजिटल तकनीक का उपयोग करके व्यापार करना आसान बनाना है। इस इवेंट में देश में निजी क्षेत्र के म्यूचुअल फंड के 25 साल पूरे करने का जश्न भी मनाया गया। सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने अपने की नोट एड्रेस में कहा, भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग को बॉन्ड मार्केट को गहन बनाने में योगदान देने के लिए नए और अभिनव तरीके सोचने की जरूरत है। इस संदर्भ में विकास के लिए गण ईटीएफ और बॉन्ड इंडेक्स ट्रैकिंग फंड्स जैसे उत्पादों के समूह का उपयोग विकसित करने के बारे में विचार किया जा सकता है। इस अवसर पर बोलते हुए, ऐम्फि  के चेयरमैन ए बालासुब्रमण्यम ने कहा, मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि निजी एमएफ उद्योग ने 25 साल पूरे कर लिए हैं, इस उद्योग का असेट आधार भी नई ऊंचाइयां छू रहा है और 25 लाख करोड़ रूपये के असेट आधार को छूने से थोड़ा सा ही दूर है। हमारी यात्रा का अगला लक्ष्य  निश्चित आय उत्पादों को रिटेल लोगों तक ले जाना है। ऐम्फि का म्यूचुअल फंड सही है अभियान, को अब असेट क्लास के रूप में निश्चित आय को विकसित करने की दिशा में लक्षित किया जा रहा है। दीपक पारेख, चेयरमैन, एचडीएफसी लिमिटेड, इस इवेंट के सम्माननीय अतिथि ने भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए अपने विजऩ को साझा करते हुए महत्वपूर्ण ट्रेंड जिसमें पांच वर्षों में एएयूएम को दुगुना करके 50 लाख करोड़ रुपये तक लाना, वितरण में नैतिक और निवेशक आधारित दृष्टिकोण लाने, डिजिटल व्यवधान और ग्राहक डेटा की सुरक्षा, निवेशकों में दीर्घकालीन निवेश के प्रति दृष्टिकोण बनाने, और भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग के उ'जवल भविष्य के लिए प्रतिभा को पोषित करने पर जोर दिया। एन एस वेंकटेश, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ऐम्फि ने कहा, म्यूचुअल फंड वास्तव में भारतीयों की विभिन्न वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुमुखी भूमिका निभा रहे हैं। सेबी हमेशा की तरह अपने निरंतर मार्गदर्शन के साथ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जो म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए एक प्रमुख प्रेरक के रूप में मदद कर रहा है। म्यूचुअल फंड अब व्यक्तिगत निवेशकों की बचत को भारतीय वित्तीय बाजारों में दिशा देने के लिए अ'छी तरह से स्थापित हो गए हैं और उभरते नए भारत के विकास के लिए शक्ति प्रदान करते हैं। इस पूरे दिन के इवेंट में विभिन्न फंड समूहों के प्रतिष्ठित सीईओ और शीर्ष प्रबंधन कर्मियों और वितरण भागीदारों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने ग्राहक आधार के विस्तार के लिए विभिन्न तरीकों पर चर्चा की।

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