एयू बैंक ने ऋण वितरण में 94 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की, कुल आय 69 प्रतिशत बढ़ी

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नई दिल्ली
पिछले साल की पहली तिमाही की तुलना में इस बार के अप्रैल-जून 18 तिमाही में सकल ऋण प्रबंधाधीन संपत्ति 61 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 17,322 करोड़ रूपये पहुंच गया है। इसे ऋण वितरण में हुये चौतरफा विकास का समर्थन मिला जिसमें वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में लगभग दो गुणा की बढ़ोतरी हुई है और यह 2,885 करोड़ रूपये रहा है। पहली तिमाही आमतौर पर कमजोर तिमाही रहती है, इसके बावजूद बैंक ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। खुदरा परिसंपत्तियों में बैंक ने अपना दबदबा बरकरार रखा है और यह समग्र सकल लोन एयूएम का 82 प्रतिशत रहा। पिछले साल की पहली तिमाही की तुलना में इस बार के अप्रैल.जून 18 तिमाही में वाहन लोन वितरण 100 प्रतिशत से ज्यादा रहा, इसी तरह एमएसएमई लोन में भी पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 71 प्रतिशत की बढोतरी हुई। यही नहीं, बैंक ने एग्री एसएमई लोन, गोल्ड लोन, 2व्हीलर लोन एवं हाउसिंग लोन के नये सेगमेंट्स में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। कुल मिलाकर, इससे खुदरा परिसंपत्ति की एयूएम में वार्षिक आधार पर 54 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली। खुदरा वितरण की ही तरह, बैंक के एसएमई एवं मिड कॉर्पोरेट वितरण में भी 90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसे बिजनेस बैंकिंग सेगमेंट में 119 प्रतिशत के वितरण वृद्धि का सहयोग मिला। चालू साल की पहली तिमाही में एनबीएफसी सेगमेंट को किये गये वितरण में वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही की तुलना में 91 प्रतिशत का उछाल आया। 30 जून 2018 को समाप्त तिमाही में कुल डिपॉजिट 9,999 करोड़ रूपये रहा। इसमें 1,928 करोड़ रूपये का सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट भी शामिल है। शाखा डिपॉजिट पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10 गुणा से अधिक ब-सजय़ा और वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही की तुलना में इसमें 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 30 जून 2018 को समाप्त तिमाही में कासा रेशियो ( सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट छोड़कर) 28 प्रतिशत रहा। डिपॉजिट.एडवांस का अनुपात 66 प्रतिशत पहुंच गया। पिछली तिमाही में हमने सीएमएस के साथ उनके बैंकिंग पार्टनर के तौर पर सा-हजयेदारी की थी। इसके तहत राजस्थान की ग्राम पंचायतों में 992 अटल सेवा केंद्रों में 1000 एटीएम लगाने और 8 मोबाइल एटीएम्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। एयू बैंक को एलआइसी के देशव्यापी कार्यालयों में अपने शाखा बैंकिंग उत्पादों की पेशकश करने के लिए भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआइसी ने भी अपनी सूची में शामिल किया है। बैंक की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है पब्लिक फंड वितरण संभालने के लिए पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) ऐप्लीकेशन पर लाइव होना। इस तिमाही के अंत में एयू बैंक में 1000 करोड़ रूपए का अब तक का सबसे बड़ा प्राथमिक पूंजी निवेश हुआ। सिंगापुर स्थित वैश्विक निवेश कंपनी तैमासेक की ूीवससल वूदमक सब्सिडरी कामास इन्वेस्टमेंट्स ने यह निवेश 30: इक्विटी और 70: कनवर्टिबल वारंट्स के तौर पर करने का फैसला कियाप् इस वर्ष की पहली तिमाही में इसमें से 475 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ कर पश्चात लाभ (पीएटी) वार्षिक आधार पर 24 प्रतिशत ब-सजय़कर 77 करोड़ रूपये पहुंचा। वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में आरओए और आरओई क्रमश: 1.55 प्रतिशत और 13.2 प्रतिशत रही।

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