मैन्युफैक्चरिंग के बाद सर्विस सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार

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नई दिल्ली
मैन्युफैक्चरिंग के रफ्तार पकड़ने के बाद अक्टूबर महीने में सर्विस सेक्टर में भी तेजी आई है। नए बिजनेस ऑर्डर में हुए इजाफे की वजह से नियुक्तियों में हुई बढ़ोतरी का असर अक्टबूर महीने में सेवा क्षेत्र के विस्तार पर दिखा। जुलाई के बाद से यह सर्विस इंडेक्स में सबसे बड़ी तेजी है। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर में निक्केई इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स सितंबर के 50.09 से बढ़कर 52.2 हो गया। देश के सेवा क्षेत्र में लगातार पांचवें महीने तेजी दर्ज की गई है। पीएमआई इंडेक्स में 50 से ऊपर की रेटिंग क्षेत्र में विस्तार मानी जाती है जबकि 50 से नीचे का स्कोर गिरावट के बारे में बताता है। वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही की शुरुआत के पहले पीएमआई सर्वे का स्कोर अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर संकेत माना जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में महंगाई में नरमी आई है।

मैन्युफैक्चरिंग में भी रही तेजी

अक्टूबर महीने में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि में तेजी आई है। गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक उत्पादन और रोजगार स्तर में हुई वृद्धि की वजह से मैन्युफैक्चरिंग में मजबूती आई है। अक्टूबर में मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) पिछले महीने के 52.2 से बढ़कर 53.1 हो गया। यह लगातार 15वां महीना है जब पीएमआई इंडेक्स 50 अंक के ऊपर दर्ज किया गया है। पीएमआई इंडेक्स में 50 से ऊपर का स्कोर मैन्युफैक्चरिंग में विस्तार का प्रतीक है जबकि 50 से नीचे का स्कोर मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट माना जाता है। मैन्युफैक्चरिंग में आई यह तेजी वैसे समय में सामने आई जब कारोबारी सुगमता के मामले में भारत की रैकिंग में जबरदस्त उछाल आया है। विश्व बैंक द्वारा जारी हालिया इज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापारिक सुगमता) की सूची में भारत 23 अंकों की छलांग लगाकर 77वें पायदान पर आ गया है। विश्व बैंक की इस सूची में दुनिया के 190 देश शामिल हैं। विश्व बैंक ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट 2019 बुधवार को जारी की। 2017 की रिपोर्ट में भारत व्यापार करने में सुगमता के मामले में 100वें पायदान पर था। भारत ने पिछले साल 30 पायदान की बड़ी छलांग लगाकर शीर्ष 100 में अपनी जगह बनाई थी।

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