एचडीएफसी बैंक के परिवर्तन रक्तदान अभियान द्वारा 1 मिलियन बोतल से ज्यादा खून एकत्रित किया

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  • पिछले 12 सालों में रक्तदान ने 1 मिलियन यूनिट का आंकड़ा किया पार
  • 16,000 से ज्यादा शिविर आयोजित किए गए

मुंबई
आज एचडीएफसी बैंक ने अपने 12वें राष्ट्रीय रक्तदान अभियान के समापन की घोषणा की। इस अभियान में पिछले 12 सालों में 1 मिलियन यूनिट से ज्यादा रक्त एकत्रित किया गया। इस साल के अभियान में 18 से 65 वर्ष की आयुवर्ग के लोगों ने भारत के 1100 से अधिक शहरों में स्थित लगभग 4,000 रक्तदान शिविरों में हिस्सा लेकर रक्तदान किया। इसमें 3 लाख यूनिट से ज्यादा खून एकत्रित हुआ। श्री भावेश जवेरी ने कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य देश के नागरिकों, खासकर युवाओं को आगे आकर इस महान उद्देश्य का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करना है। परिवर्तन तभी हो सकता है, जब एक महान उद्देश्य के लिए हम सभी मिलकर प्रयास करें। मैं हर किसी से आगे आकर रक्तदान करने का निवेदन करता हूँ, ताकि भारत में खून की मांग और आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके। खून की हर बूंद बहुमूल्य है।’’ रक्तदान अभियान एचडीएफसी बैंक के अम्ब्रेला ब्रांड, परिवर्तन ;रुच्ंतपअंतजंदद्ध का सीएसआर अभियान है। एचडीएफसी बैंक ने अपने वार्षिक रक्तदान अभियान की शुरुआत सन, 2007 में की ताकि खून देने के लिए सुरक्षित खून की कमी को पूरा किया जा सके। 7 दिसंबर को मुंबई में आयोजित एक समारोह में श्री भावेश जवेरी, कंट्री हेड- ऑपरेशंस एवं टेक्नॉलॉजी, एचडीएफसी बैंक ने बैंक के देशव्यापी रक्तदान अभियान के 12 वें संस्करण का प्रारंभ बैंक के वरिशठ प्रबंधन टीम के सदस्यों की मौजूदगी में किया। बैंक ने आजीवन रक्तदान करने वाले, श्री ज्योतींद्र सी. मिठानी को सम्मानित भी किया। वो 40 सालों से ज्यादा समय से नियमित तौर पर रक्तदान कर रहे हैं। नए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2016-17 1.9 मिलियन यूनिट खून की कमी थी, जिससे 320,000 दिल की सर्जरी और 49,000 अंगों का प्रत्यारोपण किया जा सकता था। टेक्निकल सहायता के लिए बैंक ने प्रमुख अस्पतालों और ब्लड बैंकों से टाईअप किया। पूरे देश में बैंक के कर्मचारियों, कॉर्पोरेट एक्जि़क्यूटिव्स, कॉलेज के विद्यार्थियों और पुलिस एवं रक्षाकर्मियों सहित बड़ी संख्या में स्वैच्छिक कार्यकर्ता रक्तदान करने के लिए एकत्रित हुए। सबसे पहले रक्तदान एचडीएफसी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन ने किया।

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