बैंकों का सहयोग नहीं मिलने से निर्यात पर पड़ रहा असर : फियो

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नई दिल्ली
निर्यातकों के संगठन फेडरेशन आफ इंडिया एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के असहयोग की वजह से निर्यात कारोबार प्रभावित हो रहा है। फियो के अध्यक्ष गणेश गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि बिना ऋण समर्थन के निर्यात बढ़ाना संभव नहीं है। गुप्ता ने मांग की कि देश का निर्यात बढ़ाने के लिए बैंक कर्ज के मुद्दे को जल्द सुलझाना जरूरी है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकारी बैंकों के अधिकारी मसलन प्रबंध निदेशक, कार्यकारी निदेशक, महाप्रबंधक और सहायक महाप्रबंधक निर्यातकों विशेषरूप से एमएसएमई क्षेत्र को सुलभ नहीं होते। इससे निर्यातक आर्डर नहीं ले पा रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु निर्यात बढ़ाने के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनके प्रयासों का तब तक कोई नतीजा नहीं निकलेगा जब तक कि बैंक निर्यातकों को उचित दर पर पर्याप्त कर्ज उपलब्ध नहीं कराते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया पहल और कागज रहित लेनदेन को आगे बढ़ा रही है तो दूसरी तरफ बैंकों द्वारा छोटे कर्ज के लिये भी दस्तावेजों का बंडल, गारंटी दस्तावेज और अन्य कागज मांगे जा रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि सीमा के भीतर ऋण मंजूरी में कई कई महीने लग जाते हैं और जब तक मंजूरी मिलती है, हम आर्डर गंवा देते हैं। इस मुद्दे पर सरकार को तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसी तरह की समस्या बीमा निकाय ईसीजीसी से आ रही है। वे निर्यातकों को बीमा कवर देने से हिचकिचाते हैं। उन्होंने कहा कि वे हलकी वजहों से भी दावे को खारिज कर देते हैं। हम वाणिज्य मंत्री से इस मामले में तत्काल आधार पर गौर करने का आग्रह करते हैं।

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