ईरान को तेल के बदले भुगतान के लिए डॉलर की जगह रुपया देगा भारत

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भारत ने ईरान से कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) खरीदने के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर निकालने के बजाय रुपया आधारित भुगतान तंत्र का उपयोग करेगा। दोनों देशों के बीच इसे लेकर हुई चर्चा से जुड़े पेट्रोलियम उद्योग के एक सूत्र ने बृहस्पतिवार को बताया कि नई दिल्ली इस भुगतान में से करीब 50 फीसदी रुपये के बदले तेहरान को आवश्यक वस्तुओं का निर्यात करेगा। ईरान तेल के बदले रुपये में भुगतान लेने पर सहमति जताने वाला दूसरा देश बन गया है। दो दिन पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ भी भारत रुपये में भुगतान लेने के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर चुका है। सूत्र का कहना है कि दोनों देशों के बीच 2 नवंबर को इससे संबंधित सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह सहमति तब बनी थी, जब अमेरिका ने भारत समेत 7 देशों को 5 नवंबर से ईरान पर प्रतिबंध शुरू होने के बाद भी तेल खरीदने की इजाजत दे दी थी। सूत्र के मुताबिक, भारतीय रिफाइनरियां तेल के बदले रुपये में किए जाने वाले भुगतान को नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी (एनआईओसी) के यूको बैंक में मौजूद खाते में जमा कराएंगे। सरकारी स्वामित्व वाले भारतीय बैंक यूको की तरफ से अगले 10 दिन में इस पूरे भुगतान तंत्र को सार्वजनिक कर दिए जाने की संभावना है। सूत्र का कहना है कि रूसी और चीनी शिपिंग कंपनियों ने भारत-ईरान के बीच व्यापार में ढुलाई की व्यवस्था संभालने में रुचि दिखाई है। अमेरिका की तरफ से लगाए गए प्रतिबंध के मुताबिक, भारत की तरफ से ईरान को कृषि उत्पाद, खाद्य पदार्थ, दवाइयां और मेडिकल उपकरण ही निर्यात कर सकता है। संभावना है कि भारत की तरफ से गेहूं, सोयाबीन, सोया खाद्य उत्पाद और कंज्यूमर उत्पादों का निर्यात तेहरान को किया जाएगा।
 

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