अब किसान होगा खुशहाल, जल्द चला सकेंगे सीएनजी से ट्रैक्टर 

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वह दिन दूर नहीं है जब खेत जोतने के लिए किसान डीजल के बजाय सीएनजी या बायो गैस से अपना ट्रैक्टर चलाएंगे। इसके लिए प्रशासनिक रूप से मार्ग प्रशस्त हो चुका है। केंद्र सरकार ने डीजल के बदले सीएनजी या बायो गैस से ट्रैक्टर चलाने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में जरूरी बदलाव कर इसे अधिसूचित भी कर दिया है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की अनुसंधान इकाई सेंट्रल मेकेनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएमईआरआई) की वैज्ञानिक डा. अंजली चटर्जी का कहना है कि सीएनजी से ट्रैक्टर चलाने पर किसानों का खर्च घटेगा क्योंकि डीजल के मुकाबले सीएनजी की लागत कम हो जाती है। अभी दिल्ली में डीजल 66-67 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है, जबकि सीएनजी की प्रति किलो कीमत करीब 45 रुपये है। यही नहीं, डीजल के मुकाबले सीएनजी कुशल ईंधन माना जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसका पर्यावरण पर कम से कम दुष्प्रभाव पड़ता है।
100 रुपये में हो जाएगी एक बीघा खेत की जुताई
सोनीपत के किसान रणधीर सिंह राणा बताते हैं कि एक एकड़ खेत की जुताई में दो से तीन लीटर डीजल की खपत होती है। जुताई करने वाला ट्रैक्टर कैसा है, इस पर ईंधन की खपत निर्भर करती है। उदाहरण के लिए यदि ट्रैक्टर नया है तो डीजल की खपत कम होगी और यदि इंजन पुराना पड़ गया है, उसका रख-रखाव ठीक से नहीं हो रहा है तो डीजल ज्यादा भी लग जाता है। यदि गहरी जुताई करनी है तो भी डीजल की ज्यादा खपत होती है। उनका कहना है कि यदि सीएनजी वाला ट्रैक्टर आ जाए, तो 100 रुपये में आराम से एक बीघा खेत जुत जाएगा।
 

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