छठे अफ्रीका-भारत भागीदार दिवस पर क्षेत्रीय एकीकरण पर चर्चा

img

मुंबई
भारत सरकार और अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से एक्ज़िम बैंक ने मलाबो इक्विटोरियल गिनी में आयोजित अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक (एएफडीबी) समूह की वार्षिक बैठक के दौरान ‘अफ्रीका-भारत भागीदार दिवस’ का आयोजन किया। अफ्रीका-भारत भागीदार दिवस का यह छठा आयोजन था। यह अब अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक समूह की वार्षिक बैठकों से जुड़े कार्यक्रमों का अनिवार्य हिस्सा बन गया है। इस वर्ष की थीम 'अफ्रीका में क्षेत्रीय एकीकरण को गति प्रदान करना' है। अपने विशाल क्षेत्र को एकीकृत करने की दिशा में भारत के प्रयासों के साथ ही लैंडमार्क परियोजनाओं के माध्यम से पड़ोसियों से संपर्क विकसित करने संबंधी भारत के अनुभव अफ्रीका के संदर्भ में भी उपयोगी हो सकते हैं। अतः एक विकासशील देश के रूप में भारत के अनुभव अफ्रीका के लिए उपयुक्त होने के साथ-साथ अफ्रीका-भारत की भागीदारी को एक नए धरातल पर ले जा सकते हैं, जहां दोनों क्षेत्र अपनी-अपनी चुनौतियों और अवसरों को समझते हुए सहयोग कर सकते हैं। अपने मुख्य वक्तव्य में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव (डीईए) श्री प्रशांत गोयल ने भारतीय परियोजनाओं की भूमिका और सफलता के कई उदाहरण दिए। ये उदाहरण मुख्य रूप से तटीय और अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास, सड़क नेटवर्क को एकीकृत करने, क्षेत्रीय पॉवर ग्रिडों को एक राष्ट्रीय ग्रिड के अंतर्गत लाने, भारत-बांग्लादेश जल संधि को सफलतापूर्वक लागू करने के अलावा चार राष्ट्रों बांग्लादेश, भूटान, नेपाल और म्यांमार के साथ वाहनों की आवाजाही संबंधी संधि और म्यांमार के साथ मल्टीमॉडल परिवहन प्रणाली की शुरुआत पर हस्ताक्षर करने से संबंधित थे। इस अवसर पर श्री गोयल ने 'कृषि एवं कृषि यंत्रीकरण के क्षेत्र में भारत-अफ्रीका साझेदारी' नामक भारतीय एक्ज़िम बैंक के एक अध्ययन का भी विमोचन किया। इस अध्ययन में यह बताया गया है कि किस प्रकार भारत-अफ्रीका एक-दूसरे के सहयोगी बनकर और सीखकर टिकाऊ खाद्य उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व भूमिका निभा सकते हैं। एएफडीबी के लिए पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक खाद्य सुरक्षा प्राप्त करना है। इस अवसर पर भारतीय एक्ज़िम बैंक के मुख्य महाप्रबंधक श्री एस प्रहलादन ने कहा कि एकीकृत अफ्रीका वैश्विक संदर्भ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अपने वक्तव्य में उन्होंने क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखला के विकास पर जोर देते हुए विश्व के साथ अफ्रीकी व्यापार की विसंगति को भी रेखांकित किया है। इस पैनल परिचर्चा में पावर ट्रांसमिशन, दूरसंचार, ऑटोमोबाइल उद्योग और बुनियादी ढांचे जैसे व्यवसायों से लेकर विविध भौगोलिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले अनुभवी भारतीय विशेषज्ञ शामिल रहे। इन विशेषज्ञों ने क्षेत्रीय एकीकरण के व्यापक दायरे पर प्रकाश डाला और भारत व अफ्रीका के बीच सहयोग के अवसरों से अवगत कराया। इस अवसर पर एएफडीबी के बुनियादी ढांचा, औद्योगीकरण और निजी क्षेत्र के उपाध्यक्ष श्री पियरे गुइसन सहित एएफडीबी समूह के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही इस अवसर पर यूरोपीय निवेश बैंक और एफ्रोचैंपियंस इनिशिएटिव भी मौजूद थे, जिन्होंने अफ्रीका और भारत के बीच क्षेत्रीय एकीकरण हेतु प्राथमिक क्षेत्रों में तालमेल में मदद की । 

whatsapp mail