लॉर्ड्स में भारत के सामने कड़ी चुनौती, बल्लेबाजों को उठाना पड़ेगा दारोमदार

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लंदन
पहला मैच हारने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम कल लाडर्स पर शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड के सामने होगी तो उसकी कोशिश अपने बल्लेबाजों के जिम्मेदाराना प्रदर्शन के दम पर जीत की राह पर लौटने की होगी। कप्तान विराट कोहली को अगर बर्मिंघम में बाकी बल्लेबाजों से सहयोग मिला होता तो हालात दीगर होते। दुनिया की नंबर एक टीम बढत लेने के करीब पहुंची थी लेकिन 31 रन से चूक गई। भारतीय ड्रेसिंग रूम में माहौल हालांकि आत्मविश्वास से भरा है। मैच के दो दिन पहले लाडर्स पर काफी घास थी लेकिन कल पहली गेंद पडऩे से पहले इसकी छंटाई होने की उम्मीद है। यदि नहीं भी होता है तो ऐसा माना जा रहा है कि पिच सूखी ही होगी। भारतीय खेमे को ऐसे में अपनी गेंदबाजी की रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा। पहले टेस्ट में बल्लेबाजों के नाकाम रहने के बावजूद गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने अतिरिक्त बल्लेबाज को उतारने की संभावना से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे स्पिनर पर विचार हो सकता है। ऐसे में उमेश यादव को बाहर रहना पड़ सकता है क्योंकि ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और हार्दिक पंड्या तेज गेंदबाजी का जिम्मा संभालेंगे। दूसरे स्पिनर के लिये चयन की दुविधा होगी। पिछली बार रविंद्र जडेजा ने 2014 में लाडर्स पर खेलते हुए दोनों पारियों में तीन विकेट लिये थे लेकिन दूसरी पारी में 68 रन बनाये थे जिससे भारत मैच जीतने वाला स्कोर बनाने में कामयाब रहा। कुलदीप यादव की भी अनदेखी नहीं की जा सकती। उसने नेट पर कप्तान कोहली को गेंदबाजी करके कई मौकों पर उन्हें परेशान किया। कप्तान ने उनकी गेंदबाजी की तारीफ की है और इंग्लैंड में कलाई की स्पिन गेंदबाजी काफी कारगर साबित हो सकती है। बल्लेबाजी क्रम में भी कोहली के सामने कठिन चुनौती है। कप्तान ने पहले टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा पर शिखर धवन को तरजीह दी जिससे के एल राहुल को अंतिम एकादश में जगह मिली। तीसरे नंबर के लिये प्रयोग टीम प्रबंधन के लिये कोई नयी बात नहीं है। इससे पहले 2014–15 में कोहली और रवि शास्त्री ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में चौथे टेस्ट में पुजारा की जगह तीसरे नंबर पर रोहित शर्मा को उतारा था। इसके बाद बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ टेस्टमें भी यह प्रयोग जारी रहा लेकिन अगले दो टेस्ट में अजिंक्य रहाणे को तीसरे नंबर पर उतारा गया। पुजारा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2015 की घरेलू श्रृंखला में तीसरे नंबर पर लौटे और छह टेस्ट तक यही क्रम जारी रहा। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ 2016 में सेंट लूसिया टेस्ट में उन्हें फिर बाहर कर दिया गया।
कोहली उस मैच में तीसरे नंबर पर उतरे और दो पारियों में तीन और चार रन बनाये। टीम प्रबंधन को अब यह तय करना है कि इस सत्र में काउंटी क्रिकेट खेलने वाले पुजारा के लिये अंतिम एकादश में जगह है या नहीं। धवन सिर्फ 26 और 13 रन बना सके जबकि राहुल ने चार और 13 रन बनाये। भारतीय खेमे के अनुसार एडबस्टन की पिच कठिन थी लिहाजा यह प्रयोग जारी रह सकता है। कोहली की कप्तानी में अभी तक 36 टेस्ट में अलग अलग एकादश उतारी जा चुकी हैं लेकिन भारतीय बल्लेबाजी क्रम को स्थायित्व की जरूरत है। दूसरी ओर इंग्लैंड टीम में डेविड मालान को बाहर किया गया है लेकिन बेन स्टोक्स कानूनी मामले के कारण उपलब्ध नहीं हैं। जो रूट को यह तय करना है कि उन्हें दो स्पिनर चाहिये या नहीं। मोईन अली का साथ देने के लिये 20 बरस के ओलिवर पोप को उतारा जा सकता है जबकि तेज गेंदबाजी का जिम्मा जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्राड और सैम कुरेन संभालेंगे।
टीमें:

भारत: विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, मुरली विजय, केएल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, दिनेश कार्तिक, रिषभ पंत, करूण नायर, हार्दिक पंड्या, आर अश्विन, रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, ईशांत शर्मा, उमेश यादव, शरदुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह।

इंग्लैंड: जो रूट (कप्तान), एलेस्टेयर कुक, कीटोन जेनिंग्स, जानी बेयरस्टा, जोस बटलर, ओलिवर पोप, मोईन अली, आदिल रशीद, जैमी पोर्टर, सैम कुरेन, जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्राड, क्रिस वोक्स।