बुलेट ट्रेन की राह में आया गोदरेज

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नई दिल्ली
गोदरेज समूह ने विक्रोली अर्ध शहरी क्षेत्र स्थित अपनी प्रॉपर्टी के सरकार की ओर से प्रस्तावित अधिग्रहण के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर की है। सरकार इस जमीन पर अपनी महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना शुरू करना चाहती है। इस परियोजना की लागत 1.08 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस परियोजना के कारण लगभग सात हजार किसान, 15 हजार परिवार और 60 हजार लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है। शायद यही वजह है कि इस परियोजना का तीखा विरोध हो रहा है। इस विरोध में अब गोदरेज समूह भी शामिल हो गया है। गोदरेज समूह ने मुंबई के विक्रोली इलाके में पांच अरब रुपये की जमीन के अधिग्रहण के खिलाफ बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। यदि गोदरेज समूह का यह विरोध जारी रहा तो इस परियोजना से जुड़ी कंपनियों को बुलेट ट्रेन का रास्ता बदलना पड़ सकता है। साथ ही रास्ता न बदलने की स्थिति में महाराष्ट्र भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 के आधार पर जबरदस्ती भूमि का अधिग्रहण करना पड़ेगा। मुंबई और अहमदाबाद के बीच कुल 508.17 किमी का रेल ट्रैक है। मौजूदा बुलेट ट्रैन प्रोजेक्ट के तहत इसमें से करीब 21 किमी ट्रैक अंडरग्राउंड बनाने की योजना है। अंडरग्राउंड टनल का एक एंट्री प्वाइंट विक्रोली की जमीन पर पड़ सकता है। यह याचिका बीते महीने दायर की गई थी, जिसकी हाई कोर्ट में 31 जुलाई को सुनवाई होने वाली है। साथ ही बुलेट ट्रेन परियोजना को गुजरात और महाराष्ट्र के किसानों की ओर से भी कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।