राजस्थान सरकार के कार्यकाल पर जारी हुई नागरिक रपट

img

जयपुर
विभिन्न राजनैतिक दलों, स्वयंसेवी संस्थानों, किसान संगठनों, महिला संगठनों व शिक्षाविदों की उपस्थिति में राजस्थान सरकार के कार्यकाल की नागरिक समीक्षा रिपोर्ट को जारी किया गया। नागरिक रपट में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, दलित, सामाजिक क्षेत्र, जेण्डर, महिला एवं बाल विकास एवं पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य सरकार के पॉंच वर्ष के कार्यकाल की समीक्षा की है। योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो. विजय शंकर व्यास ने कहा कि सभी राजनैतिक दलों द्वारा एक मंच पर उपस्थित हो दलगत राजीनति से ऊपर उठकर विकास को केंद्र में रखते हुए इस प्रकार का साझा प्रयास एक अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यदि सभी राजनीति दल अपने घोषणा पत्र के प्रति गंभीर होंगे तो निश्चित ही सकारात्मक बदलाव दे सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी के शोध एवं नीति विभाग के प्रभारी डॉ. अखिल शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव घोषणा पत्र को महत्व देती रही है और नागरिक समीक्षा रिपोर्ट की पहल को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढाओ, भामाशाह योजना, राजश्री योजना के माध्यम से भाजपा सरकार ने जन आकांक्षाओं की पूति हेतु सशक्त प्रयास किए हैं। कांग्रेस की प्रवक्ता डॉ. अर्चना शर्मा ने नागरिक रपट के माध्यम से किए गए सामूहिक प्रयास को स्वागत योग्य पहल बताते हुए कहा कि स्वयंसेवी संस्थाएं दबाव समूह के रूप में सरकारों को उनके द्वारा किए गए वादों की पूर्ति हेतु संवेदनशील करते हैं। उन्होंने का नागरिक रपट सभी राजनैतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज और अनुकरणी प्रयास है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक श्री देवेन्द्र शास्त्री ने बताया कि आज सबसे बडी चिंता का विषय भ्रष्टाचार है। सरकार की सभी योजनाएं तब तक सफल नहीं हो सकती जब तक भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं कसी जाएगी। कम्युनिस्ट पार्टी की निशा सिद्धू ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में किसान आंदोलन, महिला ंिहसा, बच्चों पर हो रहे अत्याचार चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों के घोषणा पत्रों में सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। जस्टिस पानाचंद जैन ने कहा कि जिस समरसता के साथ सभी राजनैतिक दल और विकास कार्यों में लगे सामाजिक संगठनों के बीच यह संवाद स्थापित हुआ है उससें एक सकारात्मक संदेश लोगों तक पहुॅंचता है कि लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हुए सामूहिक रूप से प्रदेश को टिकाऊ विकास के मार्ग पर ले जाया जा सकता है। इस अवसर पर प्रथम राजस्थान के री कुलभूषण कोठारी, दूसरा दशक से श्री राजेन्द्र भानावत, प्रयास संस्था से सुश्री छाया पंचैली, दलित अधिकार केंद्र से श्री पी. एल. मिमरौठ, विकास अध्ययन संस्थान से प्रो. वर्षा जोशी, बजट अध्ययन केन्द्र से श्री नेसार अहमद, साझा मंच से श्री अशोक माथुर, जागृति विकास मंच से श्री कृष्ण प्रकाश जी, स्वदेशी जागरण मंच से श्री भागीरथ चैधरी सहित विभिन्न जनसंगठनों, शिक्षाविदों व विषय विशेषज्ञों ने सरकार के कार्यों की समीक्षा पर अपने विचार व्यक्त किए।