मोदी: समय की कसौटी पर भारत-फिलिस्तीन के रिश्ते हमेशा खरे उतरे

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रमल्ला
भारत और फिलिस्तीन के संबंधों में आज शनिवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलिस्तीन की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। प्रधानमंत्री की महज चार घंटे की यात्रा में भारत और फिलिस्तीन के बीच 6 अहम मुद्दों पर समझौते किए गए। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी को फिलिस्तीन सरकार ने ग्रांड कॉलर सम्मान से सम्मानित किया। ग्रांड कॉलर फिलिस्तीन द्वारा विदेशी मेहमान को दिया जाने वाला सर्वेच्च सम्मान है।
अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दिवंगत फिलिस्तीनी नेता यासिर अराफात के मकबरे पर पुष्पचक्र अर्पित कर अपने यात्रा कार्यक्रम की शुरुआत की। उनके साथ उनके फिलिस्तीनी समकक्ष रामी हमदल्ला भी थे। अराफात को श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम मोदी मकबरे के पास बने उनके संग्रहालय भी गए। भारत की विदेश नीति में फिलिस्तीन का हमेशा शीर्ष स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि मुश्किल घडिय़ों में भी फिलिस्तीन के लोगों ने हमेशा अनुकरणीय साहस का परिचय दिया है। जिस तरह से फिलिस्तीन के लोग विषम परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहते हैं, उनका साहत प्रशंसनीय है। 
उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन में भारत के सहयोग से इंस्टीट्यूट ऑफ डिप्लोमेसी का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश विकास में सहयोग पर आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि इस साल दोनों देशों के बीच छात्रों के आदान-प्रदान की संख्या दोगुनी हो गई है। 
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति अब्बास को आश्वासन दिया है कि भारत फिलिस्तीन के हितों की रक्षा का हमेशा पालन करेगा। भारत को आशा है कि जल्द ही फिलिस्तीन शांतिपूर्ण ढंग से एक स्वतंत्र राष्ट्र बनेगा। हमें फिलिस्तीन की शांति और स्थिरता की पूरी उम्मीद है। हमें विश्वास है कि बातचीत से ही हर समस्या का स्थाई समाधान संभव है। केवल कूटनीति और दूरदृष्टिता से ही अतीत की हिंसा और विवादों से मुक्ति पाई जा सकती है। 

हम जानते हैं कि यह आसान नहीं है, लेकिन हमें इस ओर लगातार प्रयास करते रहना होगा, क्योंकि हमारा बहुत कुछ दांव पर है।