सूना-सूना सचिवालय मुझे डसने को आये रे!

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जब से गौरव यात्रा शुरू हुई है शासन सचिवालय के मुख्य भवन एवं मंत्रालयिक भवन में मंत्रियों की आवक लगभग नदारद हो गई। जिस जिस इलाके से यात्रा का रथ गुजर रहा है, उसके प्रभारी मंत्री भीड़ जुटाने, यात्रा से संबंधित प्रबंध व्यवस्थाएं करने और यह दर्शाने में जुटे है कि हमारा परर्फोर्मेंस कैसा रहा। वैसे भी सभी तरह के तबादलों का दौर भी खत्म हो गया। अधिकारी वर्ग भी मांगी गई जानकारी, आंकड़े और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत बताने में रोज-रोज की सामग्री को अपटूडेट कर रहे हैं। जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दे रहे है। पार्टी का पूरा संगठन एवं वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस गौरव यात्रा के प्रचार-प्रसार में जुटा है। पार्टी के कुछ पर्यवेक्षक यह भी देख रहे है कि किस इलाके में कौन विधायक, सांसद, प्रधान, प्रमुख, सरपंच, नगर परिषद एवं पालिका अध्यक्ष इस गौरव रथ यात्रा का गौरव रोशन करने में जुटा है। इस बार भी पार्टी की महिला संगठन इकाई अत्यधिक सक्रिय है महिलाओं की भीड़ जुटाने में। बड़ी सभाओं, गौरव रथ के ऊपर होने वाले मुख्यमंत्री संबोधनों एवं भाषणों को सुनने के लिए भीड़ जुटाने में। जब जनता जनार्दन को पता है कि इस समय शासन सचिवालय में मंत्रियों की अनुपस्थिति है तो उनकी आवक भी कम हो गई है। अफसर भी खबरनवीसों से गौरव यात्रा की खबरें और मिल रहे रेंसपांस को जानने की इच्छुक रहते है। अब पांचवे साल के अंतिम महीनों में आदेश भी संभल-संभल कर दिये जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय इस सम सर्वाधिक सक्रिय है। कानून व्यवस्था की देख रेख और जिस मार्ग से गौरव यात्रा का रथ गुजर रहा है की स्थिति की निगरानी रखने के लिए ऐसे में शासन सचिवालय अधिक सूना और पुलिस मुख्यालय अधिक सक्रिय है।