जेकेके में आयोजित होगा दो दिवसीय 'हवेली संगीत' का कार्यक्रम

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जयपुर
जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के कृष्णायन में 10 एवं 11 अगस्त को 'हवेली संगीत' का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय यह कार्यक्रम दो भागों में आयोजित किया जायेगा - प्रात:11 बजे से दोपहर 1 बजे तक टॉक सैशनस और सायं 6 बजे संगीतमय प्रस्तुतियां होगी। हवेली संगीत को पुनस्थापित करना इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। संगीत की यह शैली हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत का अर्ध शास्त्रीय स्वरूप है, जो हवेलियों एवं मंदिरों में भगवान कृष्ण की पूजा के लिए गाया जाता है। 'हवेली संगीत' की शुरूआत उत्तर प्रदेश में हुई थी और धू्रपद इस संगीत शैली का अनिवार्य हिस्सा है। टॉक सैशन में दर्शकों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा, जबकि शाम को आयोजित होने वाले संगीतमय कार्यक्रमों में टिकट के जरिए प्रवेश दिया जाएगा। ये टिकट जेकेके के रिसेप्शन से प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम के प्रथम दिन 'भारतीय शास्त्रीय संगीत में हवेली संगीत का योगदान' विषय पर चर्चा आयोजित की जाएगी। प्रात: 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित प्रथम सैशन में नाथद्वारा घराना के पं. प्रकाश चंद्र कुमावत और इसके पश्चात् दोपहर 12 बजे से 1 बजे इंदौर के पद्मभूषण पं. गोकुलोत्सव महाराज का टॉक सैशन होगा। इसी दिन सायं 6 बजे से मुम्बई के पं. तिलक गोस्वामी और अजमेर के पं. चंद्र प्रकाश द्वारा संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएगी। 11 अगस्त के कार्यक्रम : कार्यक्रम के दूसरे दिन 'बृज का भक्ति संगीत' विषय पर चर्चा की जाएगी। प्रात: 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलने वाले प्रथम सैशन में पं. चंद्र प्रकाश संबोधित करेंगे। इसके पश्चात् दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक वृंदावन की सुश्री आस्था गोस्वामी का सैशन होगा। सायं 6 बजे से सुश्री आस्था गोस्वामी और पं. गोकुलोत्सव महाराज द्वारा संगीतमय प्रस्तुतियां दी जाएगी।