आईसीआईसीआई बैंक ने 1 मिलियन से अधिक फास्टैग्स जारी करने का माइलस्टोन पार किया

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मुंबई
समेकित परिसंपत्तियों की दृष्टि से निजी क्षेत्र में भारत के सबसे बड़े बैंक, आईसीआईसीआई बैंक ने आज घोषणा की कि इसने 1 मिलियन से अधिक फास्टैग्स जारी करने का माइलस्टोन पार कर लिया है। यह इस उपलब्धि को हासिल करने वाला देश का पहला बैंक बन गया है। यह उपलब्धि अधिक महत्वपूर्ण है, चूंकि अभी देश भर में कुल 2.5 मिलियन टैग्स सर्कुलेशन में हैं। फास्टैग, रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) टैग को दिया गया ब्रांड का नाम है, जिसे वाहन के विंडस्क्रीन पर चस्पा किया जाता है। यह आसानीपूर्वक उपयोग वाला, रिलोडेबल टैग है, जिसके जरिए टोल चार्ज अपने आप कट जाता है और आपको टोल प्लाजा पर नकद शुल्क देने के लिए रूकने की जरूरत नहीं होती है। आईसीआईसीआई बैंक, ट्रांजेक्शन के मूल्य एवं इनकी संख्याओं की दृष्टि से इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) बाजार में काफी आगे है। इंडस्ट्री में महीने भर में हुए 18 मिलियन ट्रांजेक्शंस में से 11 मिलियन ट्रांजेक्शंस इस बैंक के जरिए हुए हैं। आईसीआईसीआई बैंक ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर इंटर-ऑपरेबल ईटीसी प्लेटफॉर्म के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाई है। इस उपलब्धि के बारे में, आईसीआईसीआई बैंक के कार्यकारी निदेशक, अनूप बागची ने कहा, आईसीआईसीआई बैंक में, हमें देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) के क्रियान्वयन से जुड़े होने का बहुत गर्व है। हम देश के पहले ऐसे बैंक थे, जिसने मुंबई - वडोदरा कॉरिडोर पर इस नई सेवा को शुरू किया और सफलतापूर्वक मानक कायम किये हैं, जिनका सभी बैंकों के बीच अंतर-प्राचलनीयता के लिए राष्ट्रीय मानक कायम करने हेतु अब प्रभावी तरीके से उपयोग किया जा रहा है। ईटीसी की बढ़ती लोकप्रियता के दम पर, हम 1 मिलियन 'फास्टैग्स जारी करने के माइलस्टोन को पार कर चुके हैं। देश में प्रति वर्ष संग्रह किये जाने वाले लगभग 20,000 करोड़ रु. टोल में से, ईटीसी के जरिए मात्र इसका 18 प्रतिशत ही किया जाता है। इस महत्वपूर्ण भुगतान क्षेत्र में डिजिटलीकरण को बढ़ाने के लिए मौजूद विशाल अवसर का यह सबूत है। हमारा मानना है कि ईटीसी ने टोल लोकेशंस पर लगने वाले जाम को रोककर मोटरचालकों के लिए काफी सुविधा बढ़ा दी है, चूंकि ड्राइवर्स को टोल पर रूक कर शुल्क देने की आवश्यकता नहीं रह गई है, जिससे उनका काफी समय बचता है। हमें ट्रांसपोर्ट फ्लीट ओनर्स एवं उन व्यक्तियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है, जो भुगतान के पसंदीदा माध्यम के रूप में फास्टैग को अधिकाधिक पंसद कर रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, हम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और आईएचएमसीएल (इंडियन हाइवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड) के साथ घनिष्ठतापूर्वक मिल कर काम कर रहे हैं, ताकि अधिक राजमार्गों को ईटीसी प्रोग्राम के तहत शामिल किया जा सके। हम फास्टैग्स की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए प्रमुख ई-कॉमर्स पोर्टल्स के साथ मिलकर काम करने की उम्मीद रख रहे हैं।