एफवाई 19 की पहली तिमाही में इक्विटी म्युचुअल फंड में हुआ 330 बिलियन रुपये का निवेश

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नई दिल्ली
इक्विटी म्युचुअल फंड्स में वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में करीब 330 बिलियन रुपये का निवेश किया गया है। साल दर साल के आधार पर यह 15 फीसद की तेजी है। इसमें सबसे ज्यादा भागीदारी छोटे शहरों से खुदरा निवेशकों की रही है। इसकी तुलना में बीते वित्त वर्ष पहली तिमाही में इक्विटी फंड्स जिनमें इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स और आर्बिट्रेज फंड शामिल हैं, के दौरान 283.32 बिलियन रुपये का कुल प्रवाह हुआ था। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के मुताबिक है।
एएमएफआई के चीफ एग्जीक्यूटिव एनएस वेंकाटेश ने कहा, निवेशकों की जागरुकता के लिए एमफी की ओर से चलाया जा रहा 'म्युचुअल फंड सही है' सेबी के निर्देशों के तहत है। इस अभियान के चलते संभावित निवेशकों के बीच रुझान बढ़ा है। ये लोग अब म्युचुअल फंड्स को मुख्य निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने बताया, "हमें भरोसा है कि बाजार में मौजूदा अस्थिरता के बावजूद म्युचुअल फंड्स में मजबूत पूंजी प्रवाह बना रहेगा। खुदरा निवेशकों और बी30 शहरों से सिस्टैमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिए पूंजी प्रवाह मजबूत बना रहेगा। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड इन इंडिया (एएमएफआई) के डेटा के मुताबिक मई महीने में एसआईपी के जरिए 7304 करोड़ रुपये जुटाए गये हैं। यह आंकड़ा अप्रैल के 6690 करोड़ रुपये से नौ फीसद ज्यादा रहा है। एसआईपी के कुल खाते 2.23 करोड़ के स्तर पर रहे हैं। डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान म्युचुअल फंड इंडिस्ट्री में औसतन हर महीने 9.58 लाख एसआईपी खाते जुड़े हैं। यह महीने का औसतन 3275 रुपये प्रति एसआईपी खाता रहा है।