आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने किया रूरल मैनेजमेंट एल्युमनी मीट का आयोजन

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जयपुर
भारत के सबसे महत्वपूर्ण विकास सेगमेंट में से एक ‘ग्रामीण विकास’ के पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से अग्रणी एमबीए संस्थान- इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थकेयर मैनेजमेंट रिसर्च यूनिवर्सिटी (आईआईएचएमआरयू) ने पहली बार अपने रूरल मैनेजमेंट एमबीए कार्यक्रम के छात्रों के लिए एल्युमनी मीट का आयोजन किया। यूनिवर्सिटी के जयपुर कैम्पस में आयोजित इस कार्यक्रम में बडी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। सोसायटी फॉर प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर एमंग्स्ट यूथ (स्पिक मैके), जिसका एक चैप्टर यूनिवर्सिटी परिसर में भी है, ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति के जरिए इस कार्यक्रम में जोश भर दिया।आईआईएचएमआर का रूरल मैनेजमेंट कार्यक्रम इस तरह से डिजाइन किया गया है जिससे यह भारत के तेजी से आगे बढते ग्रामीण समाजों की जरूरतों के अनुकूल बनता है। देश के ग्रामीण इलाके आय में बढोत्तरी, मोबाइल नेटवर्क के जरिए इंटरनेट की पहुंच और बढती आकाक्षाओं के मामले में तेजी से आगे बढ रहे हैं। भारत रूरल लाइवलीहुड्स फाउंडेशन (बीआरएलएफ) का गठन भारत सरकार द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत एक स्वतंत्र संस्था के तौर किया गया था, जिसका उद्देश्य था केंद्र व राज्य सरकार की साझेदारी में सिविल सोसायटी एक्शन को बढावा देना। इस पाठ्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य है संकलित शिक्षा का संचालन, ताकि यहाँ से ग्रैजुएट होने वाले छात्र सीधे अपनी प्रोफेशनल भूमिकाएँ निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएँ और उनके संस्थान के लिए न सिर्फ संचालन कार्य बल्कि रणनीतिक स्तर भी कार्य करने में सक्षम हो। चाहे वह कोई सरकारी संस्था हो, एनजीओ हो अथवा ग्रामीण मार्केटिंग एजेंसी। इसके अलावा, यह पाठ्यक्रम छात्रों को महत्वपूर्ण डोमेन जैसे कि फाइनांशियल इंकर््ूसन, हेल्थ एजुकेशन, लाइवलीहुड एनहांसमेंट स्किल्स और एंटरप्रन्योरशिप एवम नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट में स्पेशलाइजेशन का अवसर भी देता है।आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर के प्रेसिडेंट डॉ. पंकज गुप्ता कहते हैं, ‘भारत के ग्रामीण क्षेत्र का विकास आम जनता के कल्याण सम्बंधी लक्ष्य से जुडा है और यह वही लक्ष्य है जिसे हासिल करने के लिए आईआईएचएमआर हमेशा प्रतिबद्ध है। ग्रामीण विकास सम्भवत: सबसे जटिल विषय है जिसके साथ अनुकूलन के लिए शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक परिश्रम करने की जरूरत है, क्योंकि यहाँ असमानता, दूरी, अपूर्ण निवास और संचार सम्बंधी तमाम समस्याएँ आज भी हैं। बीआरएलएफ यहाँ के विकास को बढावा देने में एक सशक्त स्तम्भ की तरह है और हमारी यूनिवर्सिटी को इस क्षेत्र के  संचालन में हमेशा से उपयुक्त विकास हेतु एमबीए और सर्टिफिकेट कार्यक्रम उपलब्ध कराने के लिए बेहद गर्व है, क्योंकि इसके जरिए युवाओं की क्षमता और संसाधनों में विकास कर उन्हें ग्रामीण समाज की जरूरतों को पूरा करने हेतु तैयार किया जाता है, जिससे अंतत: देश के सयुक्त और सहज विकास को गति मिलती है। पब्लिक रिलेशन बनाने की दिशा में पूर्व छात्रों के साथ सम्बंध बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि नए छात्रों को नियुक्ति दिलाने में ये पीआर एजेंट का काम करते हैं। इससे ब्रांड वैल्यू बढाने में सहायता मिलती है और पुराने छात्रों, मौजूदा छात्रों, फैकल्टी और स्टाफ के बीच नेटवर्किंग में सुधार लाने में भी सयोग मिलता है। पुराने छात्र समाज के साथ जीवनभर का सम्बंध बनाए रखने और भविष्य के अनुकूल सुधारों के लिए अपनी अनमोल सलाह भी देते हैं। पुराने छात्रों को इसके जरिए भावनात्मक लाभ मिलता है और उन्हें अपने जीवन के महत्वपूर्ण दिनों को एक बार फिर जीने का अवसर मिलता है।

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