कौशल भारत ने टीआईटीपी के तहत केयर वर्कर्स के पहले बैच को भेजा जापान

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नई दिल्ली
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की कार्यकारी शाखा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम ने आज ऐलान किया है कि यह अपने टेकनिकल इंटर्न ट्रेनिंग प्रोग्राम (टीआईटीपी) के तहत 17 कुशल उम्मीदवारों के दूसरे बैच को जापान भेजेगी। 17 उम्मीदवारों के इस बैच को फरवरी के अंत में जापान भेजा जाएगा, इनमें से पांच उम्मीदवारों को केयर वर्कर्स के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो इस श्रेणी में जापान भेजे गए भारत के पहले बैच के अनुरूप है। उम्मीदवारों को नाविस निहोंगो द्वारा केयर वर्कर्स के रूप में प्रशिक्षित किया गया, ये जापान के अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में इंटर्नशिप करेंगे तथा इन्हें जापानी नियमों के अनुसार वेतन भी मिलेगा। अन्य 12 उम्मीदवार मशीन मेंटेनेन्स जॉब कैटेगरी में इंटर्नशिप करेंगे। जुलाई और सितम्बर 2018 में भारत ने 17 उम्मीदवारों के एक और बैच को जापान भेजा था, जो वर्तमान में अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक एवं कृषि संगठनों में इंटर्नशिप कर रहे हैं। यह ऐलान कल नई दिल्ली में एनएसडीसी द्वारा आयोजित टीआईटीपी सेमिनार के दौरान किया गया। एनएसडीसी भारत में टीआईटीपी के लिए कार्यान्वयन एवं निगरानी एजेन्सी है। एनएसडीसी ने इस प्रोग्राम के लिए उम्मीदवारों के तकनीकी एवं भाषा प्रशिक्षण हेतु 20 से अधिक संगठनों को पैनलबद्ध किया है। टीआईटीपी सेमिनार में हिस्सा लेने वाले दिग्गजों में शामिल थे- श्री यासुओ अरीगा, डिप्टी डायरेक्टर, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ, लेबल एण्ड वेलफेयर, जापान; श्री केई सरुवतारी, डायरेक्टर, इंटरनेशनल अफेयर्स डिविजऩ ऑफ ऑर्गेनाइज़ेशन फॉर टेकनिकल इंटर्न टेऊ निंग श्री केनको सोने, इकोनोमिक एण्ड डेवलपमेन्ट मिनिस्टर श्री केनजी आया, भारत में जापान दूतावास से पहले सचिव; मिस जुथिका पटंकर, अपर सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार; श्री अशोक चावला, विदेश मंत्रालय के सलाहकार, भारत सरकार तथा डॉ मनीष कुमार, एमडी एवं सीईओ, एनएसडीसी। सेमिनार में पैनलबद्ध संगठनों के प्रतिनिधियों तथा उन संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया जो टीआईटीपी के साथ जुडऩा चाहते हैं। इस मौके पर मिस जुथिका पथंकर, अपर सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय ने कहा, ‘‘कौशल विकास, भारत और जापान के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय सहयोग के रूप में उभर रहा है। टेकनिकल इंटर्न टे्रनिंग प्रोग्राम के ज़रिए भारतीय उम्मीदवार जापानी सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं पर प्रशिक्षण पा सकते हैं, इससे भरतीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। वहीं दूसरी ओर जापान को भी भारत से कुशल युवा मिलेंगे, जो स्वास्थ्य सेवा, मेंटेनेन्स एवं इलेक्ट्रिकल आदि क्षेत्रों में निपुण होंगे। यह प्रोग्राम भारत ओर जापान के बीच साझेदारी के द्वारा एक उज्जवल भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इस पहल के बारे में अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए डॉ मनीष कुमार, एमडी एवं सीईओ, एनएसडीसी ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि केयर वर्कर्स जॉब कैटेगरी में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। टीआईटीपी द्वारा पेश किया गया यह मंच भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाएगा। इस प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित किए गए युवा भारत को कौशल की दृष्टि से दुनिया की राजधानी बनाने के दृष्टिकोण में योगदान दे सकेंगे। श्री यसुओ अरीगा, डिप्टी डायरेक्टर, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ, लेबर एण्ड वेलफेयर, जापान ने दोनों देशों के बीच राजनैतिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं सामरिक हितों के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि टीआईटीपी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्री केई सरूवतारी, डायरेक्टर, इंटरनेशनल अफेयर्स डिविजऩ ऑफ ऑर्गेनाइज़ेशन फॉर टेकनिकल टे्रनिंग ने टीआईटीपी के सुगम संचालन से जुड़े कई पहलुओं पर विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने जापान में प्रशिक्षण पाने वाले उम्मीदववारों की सुरक्षा तथा प्रशिक्षण के मानकों पर चर्चा की। पहला बैच जुलाई 2018 में भेजा गया था - पिछले एक साल में टीआईटीपी ने तेज़ी से लोकप्रियता हासिल की है। भारत से उम्मीदवारों को भेजने वाले संगठन उन्हें भाषा, तकनीकी एवं सांस्कृतिक कौशल प्रदान करते हैं। 17 उम्मीदवारों के पहले बैच को जुलाई एवं सितंबर 2018 में जापान भेजा गया था। इनमें से 15 उम्मीदवारों को सीआईआई द्वारा निहोन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से प्रशिक्षण दिया गया। वर्तमान में वे जापान की एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण असेम्बलिंग कंपनी मैक्सेल में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। लोहिया कोर्प लिमिटेड द्वारा प्रशिक्षित अन्य दो उम्मीदवार जापान में कृषि क्षेत्र में इंटर्नशिप कर रहे हैं, उन्हें ग्रीनहाउस में उच्च गुणवत्ता की स्ट्रॉबैरी उगाने पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उम्मीदवारों को भेजने वाले संगठन- टीआईटीपी प्रोग्राम को अंजाम देने के लिए एनएसडीसी ने कई संगठनों को अपने साथ जोड़ा है, इनमें उच्च शिक्षा संस्थान, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, जापानी भाषा में प्रशिक्षण देने वाले संस्थान, भारतीय ओद्यौगिक चैम्बर तथा एनएसडीसी के साझेदार प्रशिक्षण संगठन शामिल हैं। ये संगठन भारतीय युवाओं को जापानी फर्मों की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। वर्तमान में 500 से अधिक उम्मीदवार टीआईटीपी के तहत भारत में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

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