वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन ने 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए डिज़ाइन में स्नातक पाठ्यक्रमों की पेशकश की

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नई दिल्ली
तेज़ी से बढ़ रहे उद्योग, कारोबार में नए और अनूठे दृष्टिकोण की जरूरत पड़ती है। जीवन के प्रत्येक पहलू में नए विचारों, रचनात्मकता और नए नजरिये का बोलबाला है। यह युग रचनात्मकता का युग है और इसलिए डिज़ाइन चिंतन का महत्व बढ़ रहा है और इस तरह का रुख और कौशल रखने वाले पेशेवरों की काफी मांग है। जैसा कि डिज़ाइन की शिक्षा मुख्यधारा की शिक्षा बन रही है, वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन जैसे संस्थानों के आने से संभावनाओं का दोहन बढ़ रहा है। ये संस्थान एक विश्वविद्यालय के वातावरण में समकालीन पाठ्यक्रम एवं अध्यापन के साथ विभिन्न पाठ्यक्रमों की पेशकश कर रहे हैं। भारत में कुछ ही शैक्षणिक संस्थान हैं जो विद्यार्थियों को भविष्य में अपार संभावनाओं वाले पाठ्यक्रमों की पेशकश करते हैं। भारत में डिज़ाइन पाठ्यक्रमों के सबसे बड़े पोर्टफोलियो रखने वाली वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन (डब्ल्यूयूडी) ट्रांसपोर्टेशन डिज़ाइन, प्रोडक्ट डिज़ाइन, गेम डिज़ाइन, फिल्म एवं वीडियो, डिजिटल ड्राइंग, डिज़ाइन मैनेजमेंट, आर्ट एजुकेशन एवं क्यूरेटोरियल प्रैक्टिस सहित 24 अत्याधुनिक कार्यक्रमों की पेशकश कर रही है जो पारंपरिक पाठ्यक्रमों की पेशकश से बहुत परे है। पेशेवर रुख वाले इन भविष्य उन्मुखी पाठ्यक्रमों का लक्ष्य ऐसे कुशल पेशेवर तैयार करना है जो काम के माहौल के साथ खुद को ढाल सकें और तेज़ी से बढ़ रही वैश्विक डिज़ाइन अर्थव्यवस्था की जरूरतें पूरी कर सकें। ये पाठ्यक्रम ऐसे अनूठे प्लेटफॉर्म की पेशकश करते हैं जिनका लक्ष्य न केवल अकादमिक क्षेत्र है, बल्कि नए उभरते करियर के क्षेत्र भी है जिनसे रोजगार का सृजन भी हो सकता है। इस अवसर पर वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन के कुलपति डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा, ‘हर व्यक्ति अपनी अनूठी प्रतिभा और कौशल के साथ भिन्न है। इसलिए उसे अपनी रुचि और जुनून के हिसाब से करियर चुनना चाहिए। वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन में हमारा लक्ष्य स्टूडियो, क्षेत्र में काम और थ्योरी के माध्यम से हमारे विद्यार्थियों को व्यवहारिक सीख की सुविधा उपलब्ध कराना है। तथाकथित गैर पारंपरिक पाठ्यक्रम वास्तव में काफी अनुसंधान के बाद सोच विचार के तैयार किए जाते हैं और इन्हें भावी जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया जाता है। ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को पारंपरिक क्षेत्र के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के लिए तैयार करेंगे जिससे वे भविष्य के लिए तैयार हो सकें। यहां संभावनाओं से भरपूर उन अकादमिक क्षेत्रों को खोजने में आपकी मदद के लिए डिज़ाइन के क्षेत्र में विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी दी जा रही है-

ट्रांसपोर्टेशन डिज़ाइन
साधारण कार या वाहन डिज़ाइन बीते जमाने की बात हो गई है। अब ट्रांसपोर्टेशन डिज़ाइन का भविष्य है। ये ऐसे डिज़ाइनर होते हैं जो वाहनों और परिवहन से जुड़े उत्पादों की डिज़ाइन तैयार करते हैं और इसी में इनकी विशेषज्ञता होती है। ट्रांसपोर्टेशन डिज़ाइन में निजी और वाणिज्यिक वाहनों, समुद्री पोत, मोटरसाइकिल, विमान, रॉकेट या भारी परिवहन के वाहनों की डिज़ाइनिंग में कार्य किया जा सकता है। 

डिज़ाइन स्ट्रैटेजी एंड मैनेजमेंट (एक्जीक्यूटिव)
डिज़ाइन स्ट्रैटेजी एंड मैनेजमेंट (एक्जीक्यूटिव) डिग्री कामकाजी पेशेवरों को सीखने का एक असामान्य मार्ग उपलब्ध कराती है। यह कार्यक्रम बिजनेस मैनेजमेंट में डिज़ाइन के सिद्धांतों को किस तरह से लागू किया जाए, इसका एक अनूठा तालमेल प्रस्तुत करता है। यह पाठ्यक्रम पारंपरिक एचआर, फाइनेंस एवं मार्केटिंग तरह के पाठ्यक्रमों से परे है। खुदरा उद्योग इन स्नातकों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर के अवसरों की पेशकश करता है। 

बिल्ट एन्वायर्नमेंट स्टडीज़
बिल्ट एन्वायर्नमेंट स्टडीज़ 3 वर्ष का एक कार्यक्रम है और यह एक निर्मित वातावरण के संदर्भ में स्थानिक डिज़ाइनिंग की समझ उपलब्ध कराता है। यह पाठ्यक्रम वास्तु के क्षेत्र में उभरते क्षेत्रों जैसे बिल्ट एन्वायर्नमेंट डिज़ाइन (धरोहर जैसे क्षेत्रों), नीति निर्माण, आर्किटेक्चरल/बिल्ट एन्वायर्नमेंट पत्रकारिता, अनुसंधान या शिक्षा, बिम मॉडलिंग, क्यूरेशन आदि की जरूरत पूरी करता है। 

क्यूरेटोरियल प्रैक्टिसेज़ इन आर्ट़
यह मास्टर लेवल का प्रोग्राम है जो कला एवं डिज़ाइन क्यूरेटर्स के लिए उभरती जरूरतों को पूरा करता है। गठबंधन एवं सामाजिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने वाले इस व्यवहारिक पाठ्यक्रम के तहत इतिहास और थ्योरी में अकादमिक अनुसंधान शामिल हैं। इस पाठ्यक्रम के बाद म्यूजियम क्यूरेटर, स्वतंत्र क्यूरेटर या कंसल्टेंट, फाउंडेशन /गैलरी या म्यूजियम डायरेक्टर, कला समीक्षक, लेखक, आर्काइविस्ट, आर्ट कलेक्शन मैनेजर, एक्जिबिट डिज़ाइनर जैसे करियर के कुछ विकल्पों को चुना जा सकता है। 

फैशन आर्ट 
हर फैशन डिज़ाइनर पैटर्न बनाने और अपनी रचना को सिलने में लगा रहना नहीं चाहता। कला के रूप के तौर पर फैशन की कल्पना करना स्वयं अपने आप में करियर का एक विकल्प है। फैशन ब्रांड, डिज़ाइन घराने, आर्किटेक्ट, ग्राफिक डिज़ाइन कंपनियां, विज्ञापन एजेंसियां, मीडिया, इवेन्ट एवं मनोरंजन कंपनियां, रुख का अनुमान लगाने वाले और प्रकाशन उद्योग हमेशा ही इस तरह के लोगों की तलाश में रहती हैं। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की रचनात्मकता की प्रकृति को समझने में मदद करता है। 

एनिमेशन एवं गेम डिज़ाइन
भारत में एनिमेशन एवं गेमिंग उद्योग को एक वैश्विक पहचान मिल रही है और यह दुनियाभर में रोजगार के कई अवसरों का सृजन कर रहा है। अध्ययन के पाठ्यक्रम एनिमेशन, गेम्स और व्यापक स्तर पर मनोरंजन और विज्ञापन उद्योग से संबंध रखते हैं। हाल के समय से कंपनियां इस विधा का उपयोग करती रही हैं। 

डिजिटल ड्राइंग एवं इलस्ट्रेशन
इस अनूठे पाठ्यक्रम को खास तौर पर बदलती प्रौद्योगिकी और कला एवं संस्कृति पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। यह पाठ्यक्रम पारंपरिक ड्राइंग और उदाहरण को डिजिटल प्रौद्योगिकियों के साथ एकीकृत करता है। ड्राइंग आधारित कल्पना और उदाहरण पेश करने के कौशल की जरूरत उत्पाद, वाहन, कपड़ा, ग्राफिक एवं फैशन डिज़ाइन उद्योगों में पड़ती है और प्रिंटिंग एवं प्रकाशन उद्योग में तो इसकी भारी मांग है। यद्यपि प्रत्येक शिक्षा परिषद स्कूली शिक्षा में कला के सृजनात्मक प्रभाव की बात करता है, लेकिन कला शिक्षा पर कोई भी उच्च शिक्षा कार्यक्रम देखने को नहीं मिलता है। यह पाठ्यक्रम भविष्य के लिए कला शिक्षक तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करता है। शैक्षणिक दृष्टिकोण एक वैश्विक एवं विविध समाज की जरूरतों को लेकर जागरूकता पैदा हो यह सुनिश्चित करता है। यहां व्यक्ति बच्चों, किशोरों और यहां तक कि वयस्कों के लिए कला शिक्षक बन सकता है। वहीं दूसरी ओर वह पाठ्यक्रम निदेशक के तौर पर काम का विकल्प चुन सकता है।

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