जेईई उम्मीदवार अप्रैल 2019 में होने वाले जेईई मेन के दूसरे सत्र में अपनी रैंकिंग में सुधार कर सकते हैं

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नई दिल्ली
एनटीए ने 2019 से साल में दो बार जेईई मेन परीक्षा आयोजित करने का निर्णय किया है और इस निर्णय से कई उम्मीदवारों को एक अतिरिक्त लाभ मिलेगा। जो छात्र पहले प्रयास में चूक गए या जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई करने के लिए अपनी रैंकिंग में सुधार करना चाहते हैं, उनके लिए अपनी तैयारी में सुधार करने का यह बेहतर मौका है। पहली मेन परीक्षा के प्रयास को मॉक टेस्ट माना जाना चाहिए जो विस्तृत विश्लेषण और आगे की तैयारी के लिए कमजोर क्षेत्रों को समझने में सहायक साबित होगा। फिटजी एक्सपर्ट रमेश बटलिश ने कहा प्रति दिन सभी विषय- भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित में कम से कम 50-60 संख्यात्मक प्रश्नों को हल करें। हालांकि अच्छी संख्या में सवालों को हल करना आवश्यक है, लेकिन अवधारणा की स्पष्टता के साथ इसे हल करने से अधिक सफलता हासिल होती है क्योंकि परीक्षा में एक निश्चित पैटर्न नहीं हो सकता है। हालांकि  सवालों को हल करने के लिए यह अच्छा है, लेकिन अवधारणाओं को स्पष्ट करने पर अधिक ध्यान केंद्रित करें। जेईई को क्रैक करने के लिए क्रिटिकल थिंकिंग पर बहुत जोर देने के साथ- साथ विश्लेषणात्मक कौशल में भी मजबूती और पकड़ की आवश्यकता होती है। इस प्रकार अवधारणा के अनुप्रयोग को भी समझना अत्यावश्यक है। जेईई मेन 2019 के लिए सामान्य रैंक सूची अप्रैल की परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद मई के पहले सप्ताह में उपलब्ध करायी जाएगी। जेईई मेन जनवरी और अप्रैल दोनों में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के बेहतर स्कोर को रैंकिंग के उद्देश्यों के लिए माना जाएगा, जबकि केवल एक परीक्षा में उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों के उसी स्कोर का उपयोग किया जाएगा। सामान्य रैंक सूची उम्मीदवारों के विवरण और प्राप्त अंकों के अलावा उम्मीदवारों के अखिल भारतीय रैंक और कैटेगरी रैंक को निरूपित करेगी। जेईई मेन रैंक एनआईटी, आईआईआईटी और जीएफटीआई में प्रवेश के लिए आधार होगा। उन्होंने कहा बोर्ड की परीक्षा और जेईई मेन के दूसरे प्रयास के बीच बहुत कम अंतर रहेगा, इसलिए इन दोनों की तैयारी सावधानी पूर्वक करने की आवश्यकता है। हालांकि, चुनौती यह है कि दोनों परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कैसे ध्यान केंद्रित किया जाए और किस प्रकार इन दोनों परीक्षाओं की तैयारी की जाए। यह वह चरण है जब आपको न केवल अच्छे अंक प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, बल्कि अपने जीवन के दो प्रमुख परीक्षाओं - बोर्ड और जेईई मेन के लिए एक साथ तैयारी की कला में भी पारंगत होना चाहिए। विभिन्न विषयों में कुछ उप-विषय होते हैं जिन पर आम तौर पर बोर्ड में अधिक वेटेज होते हैं क्योंकि इसमें प्रश्न सब्जेक्टिव प्रकार के होते हैं। कुछ ऐसे उप-विषय भी हैं जो जेईई मेन का हिस्सा होते हैं, लेकिन जेईई एडवांस परीक्षा का हिस्सा नहीं होते हैं, इसलिए कुछ छात्र अपनी तैयारी के दौरान इन्हें अनदेखा कर देते हैं। जेईई मेन 2019 का पहला चरण हाल ही में 12 जनवरी को संपन्न हुआ और जिन छात्रों को बेहतर रैंक प्राप्त नहीं होने की आशंका है, उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अप्रैल (6 अप्रैल -20 अप्रैल) में दूसरा मौका मिलेगा। अप्रैल सत्र के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 8 फरवरी से 7 मार्च 19 तक चलेगी। हालांकि, उम्मीदवारों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह आखिरकार वास्तविक परीक्षा में सापेक्ष प्रदर्शन है जो आपको जेईई 2019 में अच्छी रैंक दिलाएगा।

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