घर वापसी से क्यों डर रहे रोहिंग्या मुसलमान 

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वल्र्ड डेस्क
रोहिंग्या शरणार्थियों को बांग्लादेश से वापस म्यांमार भेजने की अपुष्ट खबरों के चलते शरणार्थी शिविरों में डर और आशंका का माहौल बन गया है। प्रशासन ने कहा है कि वे रोहिंग्याओं के पहले समूह को भेजने पर विचार कर रहे हैं लेकिन क्या ऐसा सच में होगा फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार समूहों ने कहा है कि किसी को भी जबरन वापस ना भेजा जाए क्योंकि म्यांमार में अभी भी ठीक हालात नहीं हैं। पिछले साल से अभी तक सात लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार छोड़कर बांग्लादेश चले गए। म्यांमार के रखाइन प्रांत में हुई हिंसा और सैन्य अभियानों के चलते यह पलायन हुआ। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इन सैन्य अभियानों में नरसंहार जैसी स्थिति कैसे बन गई इसकी जांच होनी चाहिए, वहीं म्यांमार की सेना का दावा है कि उन्होंने सिर्फ चरमपंथियों को ही निशाना बनाया। हिंसा की शुरुआत में ही करीब तीन लाख रोहिंग्या म्यांमार छोड़ चुके थे।

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