पाक  : ननकाना साहिब में 15 साल की सिख बच्ची से दुष्कर्म

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वल्र्ड डेस्क
पाक के पंजाब प्रांत के ननकाना साहिब शहर में एक सिख परिवार की शिकायत पर पुलिस ने उनकी 15 साल की बेटी से दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की है। दुष्कर्म के दो आरोपी बचाव दल-1122 के सदस्य हैं जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। सिख बच्ची को शुरूआती जांच के बाद फोरेंसिक परीक्षण के लिए लाहौर की विज्ञान एजेंसी भेज दिया गया है। दुष्कर्म की यह घटना रविवार की है। पीडि़त परिवार हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा से ननकाना साहिब आकर बसा है। परिजनों ने कहा कि उनकी बेटी मानसिक रूप से अक्षम है। पुलिस ने भी पुष्टि की है कि बच्ची की मानसिक हालत दो माह के बच्चे के समान है। डॉन अखबार ने लाहौर स्थित बचाव दल-1122 मुख्यालय के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म का दावा गलत पाया गया है, लेकिन पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि पूरी जांच रिपोर्ट आने में करीब दो से तीन सप्ताह लग जाएंगे और तब तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने भी मामले को संज्ञान में लेते हुए ट्वीट किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह बचाव दल रोजाना हजारों रोगों को मदद पहुंचाते हैं जिनमें कई लोग मानसिक बीमार भी होते हैं। परिजनों के मुताबिक बच्ची रविवार की रात घर से बाहर निकल गई थी और जब उसकी तलाश की गई तो शहर से थोड़ी दूर सड़क किनारे खड़े बचाव दल क्रमांक 1122 की एंबुलेंस में वह मिली। बच्ची की तलाश करने वालों ने जब एंबुलेंस का दरवाजा खोलने को कहा तो उन्होंने गाड़ी भगा दी। एंबुलेंस कर्मियों ने ननकाना साहिब शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर बच्ची को फेंका और फरार हो गए। बच्ची जिस हालत में मिली उसमें वह बोल तक नहीं सकती थी इसलिए उसका बयान तक दर्ज नहीं हो पाया है। ननकाना साहिब पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों ने कहा है कि बच्ची गाड़ी से टकरा गई थी, जिसके बाद उन्होंने मेडिकल सहायता के लिए उसे एंबुलेंस में डाला था। पुलिस को इस बयान पर शक है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्ची गाड़ी से कब और कैसे टकराई? उसको क्या चोटें आईं और यदि उसे एंबुलेंस में डाला गया था तो फिर अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया।
 

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