भारत ने जताई अफ्रीका में शांति मिशन की मौजूदा रणनीति पर चिंता 

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भारत ने कांगो जैसे अशांत अक्रीकी देशों में शांति अभियान लागू करने के लिए उपलब्ध अपर्याप्त संसाधनों पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र को आगाह करते हुए भारत ने कहा कि शांति सैनिकों से कम संसाधनों में अधिक काम करने के लिए कहना एक ऐसी रणनीति है जो हमें त्रासदी की ओर बढ़ा रही है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र मिशन में तैनात एक भारतीय शांति सैनिक के हमले में घायल होने के एक दिन बाद भारत की ओर से यह बयान आया है। सुरक्षा परिषद की चर्चा में शांति सैनिकों पर हुए ताजा हमले पर चिंता जताते हुए यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने इस बात को रेखांकित किया। अकबरुद्दीन ने सुरक्षा परिषद का ध्यान कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के संवेदनशील इलाकों में तैनात शांति सैनिकों के सामने आ रहे हालात की ओर दिलाया। उन्होंने कहा, अफ्रीका में शांति मिशन पर लगे सैनिक बहुत विस्तृत क्षेत्र में काम कर रहे हैं। देश का मध्य क्षेत्र 5 लाख वर्ग किलोमीटर से ज्यादा है, जहां क्षेत्रफल 23.4 लाख वर्ग किलोमीटर है।
 

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