राष्ट्रपति के फैसले के खिलाफ कोर्ट पहुंचे राजनीतिक दल

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कोलंबो
श्रीलंका में तय समय से 20 महीने पहले संसद भंग करने के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेन के फैसले को प्रमुख राजनीतिक दलों और चुनाव आयोग के एक सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राष्ट्रपति के फैसले को चुनौती देने वाले 10 समूहों में बर्खास्त प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी), मुख्य विपक्षी दल तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) और वामपंथी जेवीपी या पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (पीएलएफ) शामिल हैं। चुनाव आयोग के सदस्य रत्नजीवन हूले और एक प्रमुख सिविल सोसायटी थिंक टैंक सेंटर फॉर पॉलिसी अल्टरनेटिव्स ने भी राष्ट्रपति के फैसले को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है। 

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