अमेरिका ने रूस को दिया परमाणु संधि पर अमल करने के लिए 60 दिन का समय

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वल्र्ड डेस्क
अमेरिका ने रूस को चेतावनी दी है कि यदि उसने अपनी मिसाइलों को 60 दिन के भीतर नष्ट नहीं किया तो वह शीत युद्ध के दौरान परमाणु हथियारों को लेकर हुई महत्वपूर्ण संधि से खुद को अलग कर लेगा। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने मंगलवार को कहा कि यदि मॉस्को अपनी नयी प्रणाली को वापस नहीं लेता है तो वह 1987 में हुई इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (आईएनएफ) संधि मानने को बाध्य नहीं होगा। अमेरिका का कहना है कि रूस की मिसाइल प्रणाली ने हथियारों की होड़ बढऩे का खतरा फिर से पैदा कर दिया है। नाटो का कहना है कि तमाम लोगों की नजरों में दुनिया भर में हथियारों की होड़ पर नियंत्रण रखने वाली इस संधि को बचाने की जिम्मेदारी अब रूस की है। वहीं, संगठन प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग का कहना है कि बिना संधि की दुनिया के लिये तैयार होने का वक्त आ गया है। नाटो के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद पोम्पिओ ने कहा, अमेरिका आज घोषणा करता है कि रूस ने संधि का गंभीर उल्लंघन किया है और यदि रूस 60 दिन के भीतर पूर्ण रूप से इसका सत्यापन योग्य अनुपालन नहीं करता है तो हम अपना सारा दायित्व छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि रूस के इस कदम से अमेरिका और हमारे सहयोगियों तथा साझेदारों की राष्ट्रीय सुरक्षा को बड़ा खतरा है। इसका कोई मतलब नहीं बनता है कि अमेरिका इस संधि में बना रहे और रूस के उल्लंघनों का जवाब देने की अपनी क्षमता को नियंत्रित करता रहे।
 

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