हरियाणवियों का देश का नाम आगे रखने में मुकाबला नहीं : मोदी

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रोहतक
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रोहतक के सांपला में पहुंच चुके हैं। सांपला में प्रधानमंत्री दीनबन्धु सर छोटूराम की 64 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। प्रतिमा का अनावरण करने के बाद पीएम सांपला के राजीव गांधी स्टेडियम में एक रैली को संबोधित किया। रैली के दौरान उन्होंने कहा कि वो हरियाणा की धरती को प्रणाम करते हैं। पीएम ने कहा कि देश का नाम आगे रखने में हरियाणवियों का मुकाबला नहीं। रैली स्थल से ही उन्होंने हरियाणा में कई परियोजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ भी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने लोगों और किसानों के लिए कई कार्य किए हैं। पिछले चार साल में उनकी सरकार ने किसानों के लिए कर्ज लेना आसान किया है। उन्होंने सर छोटूराम और सरदार बल्लभ भाई पटेल की तुलना करते हुए कहा कि दोनों ने देश को जोडऩे का काम किया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की सबसे ऊंची प्रतिमा का अनावरण कर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। 31 अक्टूबर को विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार पटेल की मूर्ति का अनावरण करुंगा। इससे पहले रैली में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सांपला का नाम बदलकर छोटूराम नगर करने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाना सुनिश्चित किया है। उन्होंने आयुष्मान योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इसका पहला लाभ हरियाणा की एक बेटी को मिला है। उन्होंने हरियाणा में स्वच्छता अभियान और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की सराहना की। उन्होंने हरियाणा की बेटियों की कामयाबी व खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की। स्वच्छता रैंकिंग में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी को पहला स्थान मिलने पर पीएम ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवा खेलों में भारत को विश्व शक्ति बनाने में जुटे हैं। कहा कि आज हरियाणा देश के विकास को गति दे रहा है। यह गति तेज हो इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। यही चौधरी छोटूराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। पीएम ने कहा कि वह हरियाणा के लोगों को हरियाणा दिवस की अग्रिम बधाई देते हैं। प्रधानमंत्री ने सर छोटू राम के देश के लोगों के लिए किए गए कार्यों और किसानों व वंचितों के कल्याण के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि सर छोटूराम ने किसानों के उत्थान के कार्य के ही नहीं कार्य किया और उनका जीवन आज भी युवाओं को कुछ कर गुजरने के लिए प्रेरित कर रहा है। सर छोटूराम को सरदार पटेल से तुलना करते हुए कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल भी सर छोटूराम के कार्यों के मुरीद थे। उन्होंने कहा कि सर छोटूराम से अंग्रेजी शासक भी डरते थे और उनकी बातों को टालने की हिम्मत नहीं करते थे। छोटूराम जी का प्रभाव इतना था कि अंग्रेज सरकार भी उनकी बात ठुकराने से पहले सौ बार सोचती थी। चौधरी छोटूराम ने देश की गुलामी के बावजूद किसानों के उत्थान के लिए एक से बढ़कर एक कार्य किए। उनके सुझाव के अनुरूप बने किसानों के हित के कानून आज भी मौजूद हैं। वह दूरदर्शी व्यक्ति थे। शायद ही किसी को पता हो कि भाखड़ा डैम की कल्पना सर छोटूराम ने ही की थी।

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