आतंकियों की घुसपैठ होगी नाकाम

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जम्मू
पाकिस्तान की सीमा से लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दो 'स्मार्ट फेंसिंग' परियोजना को लांच करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को उम्मीद जताई कि इस्लामाबाद में नई सरकार भारत के प्रति रवैये में बदलाव लाएगी। सिंह से पूछा गया कि क्या वह इमरान खान के नेतृत्व में पाकिस्तान में नई सरकार के गठन के बाद वहां के रवैये में कोई बदलाव की उम्मीद करते हैं, उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान की प्रकृति में कोई बदलाव आएगा। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि बदलाव आए। मैं उम्मीद करता हूं कि यह बदलाव पहले से बेहतर हो। वह कंपरेहेंसिव इंटीग्रेटेड बार्डर मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत सीमा पर बाड़ लगाने की दो 'स्मार्ट' परियोजनाओं को लांच करने के बाद पलौरा में बीएसएफ मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। सिंह ने कहा कि पाकिस्तान की अपनी प्रकृति है और उसे हम बदल नहीं सकते। अपनी प्रकृति में बदलाव के लिए पाकिस्तान जो कर सकता है, वह उसे खुद करना होगा। पाकिस्तान को यह समझना होगा कि पड़ोसियों के साथ कैसे व्यवहार करे। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ सम्बंध बनाए रखने के लिए अधिकतम प्रयास किए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केवल सम्बंध बेहतर करने के लिए ही प्रोटोकोल तोड़कर पाकिस्तान गए थे। अगर पाकिस्तान उस प्रयास के बाद भी समझने की कोशिश नहीं कर रहा है तो क्या किया जा सकता है। दोनों सीआईबीएमएस परियोजना जम्मू में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास 5.5 किलोमीटर के विस्तार को कवर करती है। यह अपने तरह की पहली उच्च प्रौद्योगिकी वाली निगरानी प्रणाली है। सिंह ने कहा कि इसके समुचित कार्यप्रणाली की निगरानी करने के बाद नई बाड़ों को 2,026 किलोमीटर के अतिसंवेदनशील सीमा क्षेत्र में लगाया जाएगा।उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी, सीमा की रक्षा करने वाले जवानों के हताहतों की संख्या को कम करने के साथ सीमा पर कई घंटों की ड्यूटी के दौरान तनाव कम करने का मौका प्रदान करेगी।प्रौद्योगिकी को जोडऩे से एक अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक बैरियर पैदा होगा, जो भूमि, जल और वायु व भूमिगत क्षेत्र में बीएसएफ को घुसपैठ की पहचान व उसे विफल करने में मदद करेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह जवानों के गश्त पर निर्भरता को भी कम करेगा।

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