चाणक्य दिग्विजय सिंह ने दिखाई अपनी हैसियत, कमल को मिला ताज

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राजनीति के चाणक्य दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर अपनी प्रबंधन कला दिखाई है। मध्यप्रदेश और भोपाल को भरपूर समय देकर दिग्विजय ने जो चाहा वह किया। उन्होंने म.प्र. के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एजेंडे को फेल करने के लिए न केवल नर्मदा यात्रा की, बल्कि 20 बागी प्रत्याशियों का नामांकन वापस कराया। कहा जा रहा है कि पर्दे के पीछे रहकर कमलनाथ को मुख्यमंत्री का ताज दिलाने में दिग्विजय सिंह की अहम भूमका रही है।  
गुरुवार 13 दिसंबर को जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बुलावे पर प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया दिल्ली आए तो दिग्विजय ने भोपाल से हिलना जरूरी नहीं समझा। वह विधायकों से मिलते जुलते रहे। बताते हैं वह पर्दे के पीछे से लगातार सक्रिय रहे। दिग्विजय के एक करीबी की माने तो वह सुबह से ही आश्वस्त थे कि म.प्र. का ताज कमलनाथ को मिलने वाला है।
 

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