दिल्ली के अधिकारी ने इंदौर में कैसे मारा छापा : सिब्बल

img

इंदौर
मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ द्वारा आयकर छापमारी के बाद हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दायर याचिका पर गुरुवार को बहस हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल ने उनकी तरफ से बहस की। चार घंटे से ज्यादा चली बहस में सिब्बल ने क्षेत्राधिकार को लेकर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रिंसिपल डायरेक्टर ऑफ इनकम टैक्स (इंवेस्टीगेशन) ने किस अधिकार से इंदौर में छापामार कार्रवाई की थी। आयकर विभाग के वकील ने जवाब दिया कि 2014 के नोटिफिकेशन के अनुसार प्रिंसिपल डायरेक्टर (इंवेस्टीगेशन) दिल्ली को पूरे देश में कार्रवाई का अधिकार है। सुबह 11.20 बजे शुरू हुई बहस शाम सवा चार बजे तक चली। याचिकाकर्ता ने याचिका में संशोधन प्रस्तुत करने के लिए सोमवार तक का समय ले लिया। मालूम हो, आयकर विभाग ने कक्कड़ के इंदौर में स्कीम 74 स्थित निवास पर छापेमारी की थी। इसे अवैध घोषित करने की मांग करते हुए कक्कड़ ने याचिका दायर की है। गुरुवार को जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस विवेक रूसिया की डिविजनल बेंच ने याचिका पर सुनवाई शुरू की। बहस शुरू करते हुए सिब्बल ने कहा कि क्षेत्राधिकार के बाहर जाकर की गई कार्रवाई को अवैध घोषित किया जाए। उन्होंने कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि कक्कड़ मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी हैं। उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने की दुर्भावना के साथ कार्रवाई की है। प्रिंसिपल डायरेक्टर (इंवेस्टीगेशन) न्यू दिल्ली को अधिकार नहीं है कि वह मप्र में किसी के यहां छापामार कार्रवाई करें। कार्रवाई के दौरान सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए थे। मप्र पुलिस से सहायता तक नहीं मांगी गई। इसके बाद आयकर विभाग की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय कुमार जैन ने बहस शुरू की। 

whatsapp mail