आरएसएस एक राजनीतिक संस्था, हम सरकार में आए तो लगाम लगाएंगे : चिदंबरम

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इंदौर
कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम रविवार को संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संघ एक राजनीतिक संस्था है। सरकारी कर्मचारी जब तक वे कार्यरत हैं, उन्हें खुले तौर पर किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुडऩा चाहिए। शासकीय परिसरों में आरएसएस की शाखाएं लगाने के सवाल पर चिदंबरम ने कहा- मध्यप्रदेश में हमारी सरकार आने के बाद हम इस पर लगाम लगाएंगे। सरकारी कर्मचारियों को इनके कार्यक्रमों जाने से रोका जाएगा। इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि सरकारी कर्मचारी और अधिकारी आरएसएस की शाखाओं में लाइन में लगें, बल्कि वह अपने कार्यालयों में बैठें, जिससे जनता अपने कामों के लिए लाइन में लगें। चिदंबरम इंदौर में 'प्रेस से मिलिए' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के घोषणा पत्र को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि संघ कितना भी नकार ले। लेकिन उसका सिर्फ राजनीतिक एजेंडा है। कांग्रेस ने घोषणापत्र में शासकीय परिसरों में शाखाएं लगाने पर प्रतिबंध का जिक्र किया। उन्होंने कहा, हमें आशा है कि राज्यों में होने वाले चुनावों में हम क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन बनाने में सफल होंगे। अगर राज्य के विधानसभा चुनावों में यह गठबंधन जीता तो आगामी आम चुनावों में महागठबंधन ही जीतेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री से जब उनके बेटे कार्ति चिदंबरम पर लगे घोटालों के आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, आप यह सवाल पूछकर अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। मैं इस बारे में कुछ नहीं बोलूंगा। 

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