मणिपुर भीड़ हत्या मामले में चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई

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इंफाल
मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिला में वाहन चोर के संदेह में 26 वर्षीय एक व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या किए जाने की घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है जबकि तीन अन्य कर्मियों को बर्खास्त किया गया है। इंफाल पश्चिम के पुलिस अधीक्षक जोगेश्वर हाओबिजम ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस घटना की कथित वीडियो में मौके पर चार पुलिसकर्मी मौजूद दिख रहे हैं, जब मृतक जीवित था और वह जमीन पर पड़ा हुआ था। थौबुल जिला के बाशिंदे फारूक खान की पश्चिम इंफाल के थारोइजाम इलाके में बृहस्पतिवार को उन्मादी भीड़ ने वाहन चोर होने के संदेह में पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।बहरहाल, खान के साथ मौजूद दो लोग बच निकलने में कामयाब रहे थे। उनकी अब तक पहचान नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने एक कार भी आग के हवाले कर दी थी। समझा जाता है कि इसका इस्तेमाल मृतक के दो साथियों ने किया था पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है जबकि ग्राम रक्षा बल के तीन कर्मियों को रविवार को बर्खास्त कर दिया गया। गौरतलब है कि इस घटना की तीखी निंदा हुई और इलाके में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। मणिपुर मानवाधिकार आयोग ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक को इसकी जांच करने और 22 सितंबर तक एक रिपोर्ट देने को कहा है। इस घटना के सिलसिले में इंडिया रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के एक हवालदार सहित पांच लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘‘हम इस घटना की जांच कर रहे हैं। इस मामले में संलिप्त हर किसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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