आचार्य लोकेश का विश्व शांति के क्षेत्र में विशेष योगदान : अलफोन्स

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दिल्ली
अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि को अध्यात्म और अंतरधार्मिक सद्भावना के क्षेत्र में विशिष्ठ योगदान के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री के.जे. अलफोन्स ने 'स्वर्ण कमाल राष्ट्रीय अवार्ड' से सम्मानित किया। अवार्ड समारोह का आयोजन जी.एस.ए. वल्र्ड डिवाईन कोनक्लेव द्वारा दिल्ली मे पूसा रोड स्थित शिड़े ऑडिटोरियम में किया गया। केंद्रीय मंत्री अलफोन्स ने इस अवसर पर कहा कि आचार्य लोकेश मुनि ने धर्म और अध्यात्म को समाज सेवा से जोड़कर एक नया आयाम कायम किया है। आचार्यश्री ने धार्मिक सद्भावना स्थापित करने के लिए सिर्फ भारत मे ही नहीं विश्व के कोने कोने मे जाकर अनेक विशिष्ठ मंचों से विश्व शांति का संदेश दिया है। उन्हे सम्मानित कर हम स्वयं सम्मानित हो रहे है। शांतिदूत आचार्य लोकेश मुनि ने सभा को संबोधित करते हुये कहा कि भारत में विज्ञान, अध्यात्म और कला का अद्भुुत संगम है। अनेकता में एकता भारतीय संस्कृति की मौलिक विशेषता है और सर्व धर्म सद्भाव इसका मूल मंत्र। यही भारतीय संस्कृति विश्व शांति का आधार बन सकती है। आध्यात्मिक गुरुओं, कला साधको, विज्ञान विशेषज्ञों, शिक्षाविदों का यह दायित्व बन जाता है कि इस भारतीय संस्कृति का विश्व में प्रचार प्रसार कर विश्व जनमानस का कल्याण कर सकता है। उन्होने आह्वान किया कि भारत अध्यात्म और शांति के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शन करे। अवार्ड समारोह में प्रिंसेस ऑफ कोम्बोडिया सुश्री सौमा सीसोवथ, सुश्री मयली एवं जर्मनी के वित्त और आर्थिक विभाग से सुश्री बिरगीत उपस्थित थे।  मंच संचालन जी.एस.ए. वल्र्ड डिवाईन कोनक्लेव के अध्यक्ष डा. विजय प्रभाकर ने किया।

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