दोनों नाबालिग हिंदू बेटियां उनके परिवार को सौंपी जाएं : सुषमा

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नई दिल्ली
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार दो नाबालिग लड़कियों को फौरन उनके परिवार तक पहुंचाया जाए। होली के दिन सिंध प्रांत से इनका अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। इसके बाद इनका निकाह करा दिया गया था। भारत की ओर से यह मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने जांच के आदेश दिए थे। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर भारत ने पाक को पत्र भी लिखा था। सुषमा ने पूछा- क्या नाबालिग बेटियां शादी का फैसला ले सकती हैं? सुषमा ने मंगलवार को ट्वीट किया, पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों का जबरन धर्म बदलवाया। उनकी उम्र को लेकर कोई विवाद नहीं है। रवीना 13 और रीना 15 साल की है। नए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री तक को यह नहीं लगता कि नाजुक उम्र की बेटियां क्या अपनी मर्जी से शादी, या धर्म बदलने का फैसला ले सकती हैं। हमारी सिर्फ एक मांग है कि लड़कियां परिवार को सौंपी जाएं। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सरकार को दोनों लड़कियों को सुरक्षित परिवार के पास पहुंचाने का आदेश दिया है। अल्पसंख्यक समुदाय ने रविवार को कराची में प्रदर्शन किया था। इसके बाद सुषमा स्वराज ने पाक स्थित भारतीय उच्चायोग से मामले की जानकारी मांगी थी। पुलिस ने सोमवार को काजी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। होली की शाम (21 मार्च) कुछ लोगों ने रवीना और रीना का उनके घर से अपहरण कर लिया था। दोनों बहनें सिंध प्रांत के घोटकी जिले की रहने वाली हैं। उनकी जबरन शादी कराने से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए थे। एक वीडियो में लड़की ने कहा था कि उसे जबरन इस्लाम कबूल कराया गया।

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