कठुआ कांड की सीबीआई जांच की मांग सुप्रीम कोर्ट से रद्द

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नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने कठुआ दुष्कर्म कांड की नये सिरे से जांच कराए जाने और जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआई को दिये जाने की मांग शुक्रवार को खारिज कर दी। कोर्ट में दो याचिकाएं सुनवाई के लिए लगीं थीं जिसमें एक याचिका में जांच स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआई को दिये जाने की मांग की गई थी जबकि दूसरी याचिका में पूरे मामले की नये सिरे सें जांच कराए जाने और तब तक के लिए सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाए जाने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने दोनों याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि मामले में दखल देने का आधार नजर नहीं आता। नये सिरे से जांच का आदेश देने की जरूरत नहीं लगती। याचिकाकर्ता जांच में खामी की जो बातें बता रहे हैं वे ट्रायल के दौरान कोर्ट में उठा सकते हैं। इससे पहले मामले में अभियुक्त पिता पुत्र सांझीराम और विशाल जंगोत्रा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार ने कहा कि इस मामले में दाखिल आरोपपत्र मे उनके मुवक्किलों के खिलाफ दो तरह की बातें आ रही हैं। अभियुक्त पिता पुत्र हैं। ये संभव नहीं है कि कोई पिता अपने पुत्र को मेरठ में परीक्षा देने के बीच से बुला ले और उसे इस तरह का अपराध करने को कहे। इसके अलावा भारतीय समाज में ये असंभव है कि पिता पुत्र दोनों एक साथ इस तरह के अपराध में शामिल हों। पीठ ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि वे मामले की जांच स्थानांतरित करने की उनकी मांग स्वीकार करने के इच्छुक नहीं हैं। 

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