राजस्थानी भाषा को मान्यता के लिए प्रयास तेज

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नई दिल्ली
राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के प्रयास एक बार फिर तेजी से किये जा रहे है। 26 जुलाई तक चलने वाले लोकसभा के इस सत्र में राजस्थानी, भोजपुरी ओर भोटी भाषाओं की मान्यता के सामूहिक प्रयास किये जायेंगे। इस हेतु पिछले 2 दिनों में कई सांसदों से मुलाकात की गई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी ज्ञापन सौंपा गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित राजस्थान से केंद्र में मंत्री और राजस्थान के कई सांसद के अलावा भाजपा उपाध्यक्ष ओम माथुर, महामंत्री भूपेंद्र यादव, पूर्व मंत्री व पाली सांसद पीपी चौधरी ने खासतौर से गृहमंत्री से चर्चा करने का विश्वास दिलाया है। माणक और दैनिक जलतेदीप के प्रधान संपादक पदम मेहता के साथ दिल्ली ब्यूरो राजेन्द्र व्यास भी लगातार सांसदों के सम्पर्क में है। 24 जुलाई को दिल्ली में राजस्थान संस्था संघ की तरफ से सांसदों का सम्मान कार्यक्रम रखा गया है इसमें सभी राजस्थानी शामिल होंगे। वहीं सभी राजस्थानी भाषा के शुभचिंतकों से अपील की गई है कि वे भी सांसदों को इस हेतु संपर्क कर दबाव बनाये। माना जा रहा है कि अगर भोजपुरी और राजस्थानी के सभी सांसद सामुहिक प्रयास करें तो इस सत्र में मान्यता का सपना पूरा हो सकता है। इस हेतु गृह मंत्री अमित शाह ने भी सकारात्मकता दिखाई है।

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