पटाखे रात 8 से 10 बजे तक ही जलाए जा सकेंगे

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नई दिल्ली
दिवाली के मौके पर पटाखे जलाने पर रोक नहीं रहेगी, लेकिन इसमें एक शर्त है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि रात 8-10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे और इसकी ऑनलाइन बिक्री पर भी रोक है। सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश का भारतीय जनता पार्टी के सांसद चिंतामणि मालवीय ने विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट कर ऐलान किया है कि उन्हें हिन्दू परंपरा में किसी की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं है और वह इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, यह समयसीमा (8-10 बजे तक) पूरे देश पर लागू होगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा, इस आदेश पर अमल करने के लिए हर इलाके का इंचार्ज जवाबदेह होगा, और अगर आदेश का पालन नहीं हुआ, तो इंचार्ज को निजी तौर पर कोर्ट की अवमानना का दोषी माना जाएगा। पटाखों की बिक्री पर लगा बैन सुप्रीम कोर्ट ने आज कुछ शर्तों के साथ हटाया है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से केंद और राज्य सरकार को निर्देश दिए गए हैं और कहा गया है कि कम प्रदूषण वाले ग्रीन पटाखे का ही इस्तमाल किए जा सकेंगे। ये याचिका तीन बच्चों की तरफ से साल 2015 में दायर की गई थी।
बच्चों की तरफ से वकील गोपाल संकरानारायण ने पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगाने की अपील की थी, लेकिन जनता का ये भी कहना है कि क्या एक ही दिन पटाखे जलाने से इतना प्रदूषण हो जाता है कि उस पर इतनी सख्ती की जरूरत है।

परंपरागत तरीके से लक्ष्मी पूजन के बाद 10 बजे के बाद ही पटाखे जलाऊंगा : उज्जैन सांसद
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उज्जैन से सांसद चिंतामणि मालवीय ने ट्वीट किया, मैं अपनी दिवाली अपने परंपरागत तरीके से मनाऊंगा और रात में लक्ष्मी पूजन के बाद 10 बजे के बाद ही पटाखे जलाऊंगा। हमारी हिन्दू परंपरा में किसी की भी दखलंदाजी मैं हरगिज बर्दाश्त नहीं कर सकता। मेरी धार्मिक परंपराओं के लिए अगर मुझे जेल भी जाना पड़े तो मैं खुशी-खुशी जेल भी चला जाऊंगा।

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